राची, झारखण्ड | दिसम्बर | 22, 2024 ::
झारखंड प्रदेश वैश्य मोर्चा के शौंडिक उप-जाति के केंद्रीय, जिला एवं प्रखंड अध्यक्ष स्तर के पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की गयी. इस बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय अध्यक्ष महेश्वर साहु तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यकारी अध्यक्ष रेखा मंडल शामिल हुए. जबकि अध्यक्षता कार्यकारी अध्यक्ष मोहन साव एवं संचालन वरीय उपाध्यक्ष अश्विनी कुमार साहु ने किया. बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 11 जनवरी को रायपुर में होने वाले अखिल भारतीय शौंडिक सम्मेलन में वैश्य मोर्चा के शौंडिक पदाधिकारी और सदस्य सैंकड़ों की संख्या में शामिल होंगे.
इस बैठक को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि एवं केंद्रीय अध्यक्ष महेश्वर साहु ने कहा कि नौकरी और अधिकार चाहिए तो 27% आरक्षण की लड़ाई को तेज करना होगा. यह राज्य हमलोगों का भी है. हमलोग भी अलग झारखंड की लड़ाई सहभागी थे, तो रोजगार, अधिकार और सम्मान में दोयम दर्जे का व्यवहार क्यों? इस सवाल को रायपुर सम्मेलन में जोरशोर से उठाया जायेगा.
बैठक में तीन प्रस्ताव भी पारित किये गये. पहले प्रस्ताव में कहा गया कि झारखंड अलग राज्य की लड़ाई में वैश्य समाज और शौंडिक जाति के लोगों ने भी प्रमुख रूप से भाग लिया था, लेकिन इस जाति के लोगों को अब तक उपेक्षित और दरकिनार किया गया है. पैसे लेकर फर्जी लोगों की सूची बनाई जा रही है. इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए और सही लोगों को शामिल किया जाना चाहिए. दूसरे प्रस्ताव में कहा गया कि यह बैठक सरकार से रांची चौक-चौराहों सहित विधानसभा भवन और परिसर में झारखंड आंदोलनकारी शहीद मणींद्रनाथ मंडल, समाज के अगुआ पूर्व सांसद स्व. शिव प्रसाद साहु एवं अन्य का मूर्ति लगाने की मांग करती है. तीसरे प्रस्ताव में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मांग की गई कि शौंडिक उप-जाति के सक्षम और काबिल अधिकारियों को आगे बढ़ाया जाए, उचित जगह पर पदस्थापित किया जाए.



