राची, झारखण्ड | सितम्बर 12, 2024 ::
नवा टोली पिठौरिया कांके स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय (नव ज्योति भवन) प्रेक्षागृह में करमा मिलन समारोह-2024 धूम धाम से मनाया गया। इस अवसर पर आश्रम के भक्तों ने मं।दर कि थाप और सुमधुर करमा गीतों ने उपस्थित जनों का मन मोह लिया। मुख्य अतिथि के रूप में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की संचालिका बी के राजमति व ब।डू नवा टोली पंचायत के सरपंच अशोक उरांव उपस्थित थे।
अतिथियों ने कहा कि आदिवासी समाज ने सभी समाज को कला , संस्कृति,बोली, भाषा, परंपरा, और प्रकृति की रक्षा करने को लेकर जागरूक किया है। यह समाज अपनी संस्कृति व पूर्वजों की धरोहर को बचाए रखने में भी सफल रहा है। आदिवासी समाज हमेशा अपनी संस्कृति में जीता है। आधुनिक चका चौंध में भी यह समाज अपनी मूल मंत्र और संस्कृति को नहीं भूलता है। आदिवासी समाज प्रकृति का पूरक रहा है। जल,जंगल, जमीन और अपनी संस्कृति को बचाने के लिए भी यह समाज कृतयग रहा है। आदिवासी समाज प्रकृति की पूजा करता। करमा पर्व एक उत्सव का पर्व है जिसमें हमें प्रकृति की रक्षा का संकल्प भी लेना चाहिए।
इस अवसर पर मुख्य रूप से संपत्ति देवी, किरण देवी, उर्मिला देवी, लीला देवी, सुनीता देवी, लीला देवी, सुनीता देवी, कुंती देवी, पार्वती देवी, कोशल्या देवी, गंगा देवी, दुबे भाई, इंद्र जग भाई समेत कई लोग उपस्थित थे।




