
रांची , झारखण्ड | मार्च | 01, 2020 :: आज दिनाँक 01/03/2020 को झारखण्ड उच्च न्यायालय द्वारा संचालित योग-ध्यान सत्र का समापन हो गया।
4 फरवरी से 1 मार्च तक चले इस योग सत्र में 60 न्यायिक अधिकारी एवं कर्मचारियों ने संन्यासी मुक्तरथ जी से स्वस्थ रहने और बिभिन्न तरह की बिमारियों को दूर करने में योग के अभ्यासों को बहुत ही बारीकी से सीखे।
सात दिनों तक चले इस योग सत्र में स्वामी मुक्तरथ जी के साथ योगाचार्य मनीष कुमार और योगा एक्सपर्ट अवनीश कुमार ने योग के आसनों को क्रमबद्ध रूप से सिखाये।
समापन समारोह में न्याययुक्त श्री नवनीत कुमार ने तीनों योग शिक्षकों के प्रति आभार प्रकट किये और उन्होंने कहा जिस तरीके से हमलोगों को इन्होंने योग सिखाया है वो प्रायः देखने को नहीं मिल रहा है।
योग में बहुत सारी सावधानियों को, क्रमबद्धता को,श्वास के कॉम्बिनेशन को जानने का मौका मिला जो बहुत महत्वपूर्ण है।
बहुत सारे अधिकारियों को कंधे का दर्द, स्पॉन्डिलाइटिस, पीठ दर्द,कमर का अकरण, फ्रोजन शोल्डर पेन ,घुटने का दर्द था जो इस सात दिनों में प्रायः समाप्त हो गया।
हमलोग मैक्सिमम लोग कपालभाति प्राणायाम और नाड़ीशोधन के करने की बारीकी को नहीं जानते थे जो इस सत्र में सिख पाये।
माननीय उच्च न्यायालय का यह कदम ह्मलोगों के लिए बहुत ही उपयोगों और स्वास्थ्य वर्धक सिद्ध हुआ है
मैं उन्हें तहेदिल से धन्यवाद देता हूँ।
सभी लोगों को इस शिविर का अच्छा लाभ हुआ है।
तनावपूर्ण माहौल में योग साधना की नितान्त आवश्यकता है।
हम सिर्फ योग ही नही सीखे बल्कि स्वस्थ जीवन के बहुत सारे टिप्स को स्वामी जी से सीखे हैं।
सभी प्रतिभागियों को डायबिटीज, उच्चरक्तचाप, हेडेक,साइनस, टॉन्सिलाइटिस, पाचन तन्त्र की गड़बड़ीयों को ठीक रखने हेतु योगासन, प्राणायाम,षट्कर्म ,योगनिद्रा और ध्यान का अभ्यास सिखाया गया।




