पूर्व क्षेत्र सांस्कतिक केंद्र भारत सरकार संस्कृतिक मंत्रालय और जीवन ज्योति केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को चाईबासा के टुंगरी स्थित कला एवं सांस्कृतिक भवन हरिगुटु में दो दिवसीय कोल्हान लोक नृत्य महोत्सव का शुभारंभ किया गया. मुख्य अतिथि समाजसेवी सुशील पूरती, विशिष्ट अतिथित हो साहित्यकार डोबरो बुड़ीउली, नीमडीह पंचायत की मुखिया सुमित्रा देवगम व सतीश सामड ने संयुक्त रूप से द्वीप प्रज्जवलित व मांदर व नगाड़ा बजाकर महोत्सव का शुभारंभ किया. महोत्सव में पांच नृत्य दल ने मांदर व नगाड़े की थाप पर परंपारिक नृत्य प्रस्तुत किया. इससे पूर्व सभी अतिथियों को पुष्प गुच्छ, अंग वस्त्र व स्मृति चिन्ह देकर स्वागत किया गया. अतिथि पुरती ने कहा कि आज हम अपनी समाज अपनी संस्कृति और अपनी सभ्यता का लोकार्पण हैं. क्योंकि आज की तारीख में अगर हम अपनी संस्कृ़ति और अपने लोक नृत्य को भूल जायेंगे तो फिर हमें भुला दिया जायेगा. हमें अपनी आदिवासी सभ्यता व संस्कृति को बचाने की जरूरत है. कहा कि हमारी परंपारिक वद्य यंत्र दमा-दुमंग है. कहा कि संसार में मनुष्यों की उत्पत्ति हुई है. इसी प्रकार से हमारे छा महाद्वीप में विभिन्न प्रकार के लोग हैं. लेकिन उसमें हम आदिवासी लोग हैं. उन्होंने कहा कि जो हमारी धरोहर है इसको जीवित रखना है और सरकार हमारी कला-संस्कृति पर ध्यान दे रही है. कहा कि लोक नृत्य की ओर हम सबको आकर्षित किया है.
अपनी संस्कृति और सभ्यता को भूलते जा रहे हैं आदिवासी: डोबरो
हो साहित्यकार डोबरो बुड़ीउली ने कहा कि एक तरह के कार्यक्रमों का आयोजित होने से लोगों को एक दूसरे से मिलने का मौका मिलता है. कहा कि कला संस्कृति को बचाने के लिए स्व रामदयाल मुंडा ने कहा था कि जे नाचे ते बचे यानि जो नाचेगा उनका संस्कृति बचेगा. कहा कि आदिवासी अपनी संस्कृति और सभ्यता को भूलते जा रहे हैं. जिसके कारण आदिवासियेां का अस्तित्व मिटता जा रहा है. आदिवासीसमाज के उत्थान के लिए बुद्धिजीवियों को आगे आकर समाज में लुप्त सभ्यता व संस्कृति को बचाने की जरूरत है. श्री बुड़ीउली ने गीत के माध्यम से शिक्षा व गीत-संगीत सभ्यता को बचाने का पर जोर दिया.
कार्यक्रम को नीमडीह पंचायत की मुखिया सुमित्रा देवगम, सतीश सामड, बुधन सिंह कुंटिया ने भी संबोधित किया. मंच संचाललन शीतल बागे ने किया.
महोत्सव को सफल बनाने में महकमतहातु पंचायत की मुखिया जुलियाना देवगम, कृष्णा देवगम, जुलियानी कोड़ा प्रदीप कुमार, नवीन निखिल कच्छप, कैलाश कुमार, फ्रांसिस आदि का सहयोग रहा.




