रांची, 19 अगस्त 2026। झारखंड में डूबने से होने वाली मौतों की रोकथाम को सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के गंभीर मुद्दे के रूप में संबोधित करने की दिशा में पहला राज्यस्तरीय कदम उठाया गया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड और चाइल्ड इन नीड इंस्टीट्यूट द्वारा होटल चाणक्या बीएनआर में डूबने से बचाव पर राज्यस्तरीय परामर्श आयोजित किया गया।
बैठक में वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ, सामाजिक संगठनों और विकास क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। मई से जुलाई 2025 के बीच झारखंड में डूबने से 161 मौतें दर्ज होने का उल्लेख करते हुए जोखिम वाले स्थानों की पहचान, जल स्रोतों की सुरक्षा, समुदाय को प्रशिक्षित करने, बचाव दल की तैयारी और समय पर आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के सचिव श्री अबूबकर सिद्दीकी (आईएएस) ने नदियों, झरनों, जलाशयों और पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा संकेतक, बैरियर और आपातकालीन उपकरण लगाने की आवश्यकता बताई। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक श्री शशि प्रकाश झा (आईएएस) ने जोखिम वाले झरनों और स्नान घाटों पर स्थायी सुरक्षा उपायों का सुझाव दिया।
परामर्श में झारखंड राज्य डूबने से बचाव कार्ययोजना तैयार करने तथा बहु-विभागीय कार्य समूह गठित करने का प्रस्ताव रखा गया। विशेषज्ञों ने रोकथाम, सामुदायिक भागीदारी और विभागीय समन्वय को प्रभावी रणनीति की कुंजी बताया।




