राची, झारखण्ड | मई | 23, 2025 ::
रांची/नई दिल्ली। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएम एसवाई) की वार्षिक समीक्षा बैठक भारत सरकार के मत्स्य पालन विभाग के तत्वाधान में नई दिल्ली स्थित एपी शिंदे हॉल, (एनएएससी काम्प्लेक्स) में हुई। बैठक में केंद्र सरकार के मत्स्य पालन विभाग के सचिव अभिलक्ष लिखी विशेष रूप से उपस्थित थे। इस बैठक में झारखंड सरकार की ओर से अबू बकर सिद्दीख पी., सचिव, कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग और निदेशक मत्स्य डॉ.एचएन द्विवेदी ने भाग लिया। गौरतलब है कि केंद्र सरकार द्वारा 22.50 करोड़ रुपए पीएमएमएसवाई के लिए जारी किया गया है। बैठक में झारखंड में पीएमएमएसवाई की गतिविधियों और उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी गई, जिसे केंद्र सरकार द्वारा सराहा गया।
झारखंड के मत्स्य विभाग के सचिव और मत्स्य निदेशालय के निदेशक द्वारा समीक्षा बैठक में झारखंड के केज कल्चर, बायोफ्लॉक पद्धति आदि तकनीक से मत्स्य उत्पादन में वृद्धि संबंधी अद्यतन जानकारियों से
अवगत कराया गया।
बैठक में सभी मछुआरों, मत्स्य कृषक, मत्स्य विक्रेताओं, उद्यमियों, समितियों को नेशनल फिशरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म (एनएफडीपी) में सभी को अनिवार्य रूप से ऑनलाइन निबंधन कराने के लिए निर्देशित किया गया। इससे मत्स्य क्षेत्र से जुड़े सभी को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। साथ ही सभी मात्स्यिकी परियोजनाओं का लाभ मत्स्य कृषकों को मिल सकेगा।
केंद्र सरकार के सचिव द्वारा निजी क्षेत्र के साथ साथ सहकारिता समितियों को भी फिशरीज फार्मर्स प्रोड्यूसर्स ऑर्गेनाइजेशन एफपीओ (एफ एफपीओ) सुदृढ़ करने का निर्देश दिया गया।
इस संबंध में झारखंड सरकार के मत्स्य निदेशालय के निदेशक डॉ.एचएन द्विवेदी ने बताया कि पीएमएमएसवाई के तहत झारखंड ने मत्स्यपालन के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है।
मत्स्य उत्पादन में झारखंड आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर है। की पीएमएमएसवाई के सफल क्रियान्वयन को लेकर केंद्र सरकार के मत्स्य पालन विभाग ने संतोष व्यक्त किया है।




