राची, झारखण्ड | जून | 05, 2023 :: उषा मार्टिन फाॅउंडेशन ने टिकाऊ पर्यावरण की दिशा में पहल की है।
गांवों में ग्रामीणों के बीच पौधारोपण की संस्कृति को बढ़ावा दिया जा रहा है।
पौधारोपण से आमदनी के लिए प्रगतिशील किसानों के माध्यम से नर्सरी का निर्माण किया जा रहा है।
किसान गांव के स्तर पर अपने खेतीबारी में आत्मनिर्भर हो, इसके लिए कंपनी के माध्यम मासू, अनगड़ा और सिलवई में पाॅलीनेट स्थापित किया गया है, जिससे बीज एवं पौधों के निर्माण में कीटाणु से बचाया जा सके।
यहां पर किसानों को बीज उगाने का प्रशिक्षण, बेड बनाने की कला और उसके माध्यम से खेती तथा आय के लिए इसका उपयोग पर कार्यशाला भी लगाया जा रहा है।
गांवों के विकास में वृक्षांें के महत्व पर मासू गांव में आज किसानों के बीच जागरूकता अभियान चलाया गया।
जहां हर घर एक पेड़ के अभियान की शुरूआत की गयी।
इस अवसर पर गांव की ही प्रगतिशील किसान रासो देवी ने कहा कि टिकाऊ विकास के लिए फाॅउंडेशन के द्वारा पहले चरण में 80 किसानों के जमीन की मृदा जांच की गयी।
इसके बाद 33 किसानांे के जमीन को ड्रीप इरिगेशन के लिए चयनित किया गया।
सरकारी सहयोग से इन किसानों के खेतों में ड्रीप इरिगेशन की पूरी सुविधा मुहैया करायी गयी, जिसके अनुदान की राशि कंपनी के द्वारा उपलब्ध करायी गयी।
इसके बाद किसानों को सब्जी, नकदी फसल एवं मोटे अनाज की खेती के लिए चरणबद्ध तरीकें से प्रशिक्षण मुहैया कराया गया।
यह प्रशिक्षण रामकृष्ण मिशन एवं अन्य संस्थाओं के सहयोग से गांव स्तर पर संपन्न हुआ।
किसानों को नकदी फसल के साथ अब फलदार एवं जंगली वृक्षों की उपयोगिता के बारे में जागरूक किया गया है।
अनगड़ा के दिनेश महतो ने आधा एकड़ जमीन में आम का पेड़ लगाया है।
आठ किसानों को स्ट्रोबेरी,
25 से अधिक किसानों को तरबूज,
खरबूज,
सूरजमुखी एवं
अन्य नकदी फसल के लिए बीज मुहैया कराया गया।
इसके अलावा 16 गांवों के चार सौ से अधिक किसानों को गरमा एवं सब्जी के बीज मुहैया कराया गया है।



