आलेख़

रिश्ते, जो सबसे अनमोल होते हैं : गुड़िया झा

रांची, झारखण्ड |  सितम्बर  | 27, 2020 :: इस संसार में प्रत्येक वस्तु की अपनी एक कीमत होती है। समय और परिस्थिति के अनुसार इनकी कीमत में उतार चढ़ाव का होना स्वाभाविक है। लेकिन ईश्वर द्वारा बनायी गयी इस संसार में सबसे खूबसूरत और अनमोल जो है, वो है हमारे रिश्ते।

रिश्ते चाहे जिस नाम से भी पुकारे जायें, इनकी कोई कीमत नहीं होती है। इनकी अपनी एक अलग ही एहमियत होती है। रिश्ते और पौधे एक जैसे होते हैं। इन्हें जितना सींचा जाये, इनकी जड़ें उतनी ही ज्यादा मजबूत होती हैं। सभी रिश्तों में त्याग, समर्पण और प्यार का बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान है। इस व्यस्त और भागदौड़ वाली जीवनशैली में हमारे पास समय का काफी अभाव भी रहता है। इन सबके बावजूद ये रिश्ते ही हैं जो हमें सिखाते हैं कि दूरियां रास्तों की भले ही सही लेकिन दिलों में दूरियां नहीं होनी चाहिए। ये हमें सिखाते हैं कि किस प्रकार हमारी भारतीय संस्कृति की जो सभ्यता है वो अपने आप में एक मिशाल है। इन रिश्तों की डोर को अपनी तरफ से पहल कर इसे इतनी मजबूती प्रदान की जा सकती है कि अपने इस पहल से हम औरों के लिए प्रेरणा स्त्रोत बन कर आने वाली पीढ़ी को भी एक अच्छा संदेश दे सकते हैं।

1, विश्वास का रिश्ता।

सभी रिश्ते की अपनी एक अलग ही पहचान होती है। इन सबके ऊपर भी एक रिश्ता है, जिसे हम विश्वास का रिश्ता कहते हैं। सभी रिश्तों के बीच में विश्वास उस कड़ी की तरह कार्य करता है, जो कभी भी प्रतिकूल परिस्थितियों के आने पर भी विचलित नहीं होता है। इस विश्वास को बनाये रखने के लिए शुरूआत हमें खुद से करनी होगी।

जब भी समय मिले सभी से सम्पर्क बनाये रखें। कई बार ऐसा होता है कि हमारे मन में ये बातें आती हैं कि जब किसी ने हमें फोन नहीं किया, तो हमें ही क्या जरूरत पड़ी है। हमें इस सोच से ऊपर उठना होगा। क्योंकि जब हम खुद अपनी सोच को बदलेंगें तभी तो सामने वाले पर भी इसका अच्छा असर देखने को मिलेगा। बदले की भावना से ही ऊपर उठ कर हम आगे बढ़ सकते हैं। ऐसा भी हो सकता है कि बहुत से लोगों को हमसे भी ज्यादा समय का अभाव रहता हो    या फिर दूसरी और भी कोई समस्या हो उनके साथ जिसके कारण वो हमसे सम्पर्क नहीं कर पा रहे हों।

2, वास्तविकता के साथ रहना।

रिश्तों को बाहरी दिखावे की जरूरत नहीं होती है। साथ ही किसी भी रिश्ते में अमीरी-गरीबी कोई मायने नहीं रखती है। सभी रिश्तों के बीच में थोड़ी सी तकरार का होना भी स्वाभाविक है।  क्योंकि जिन्हें हम सबसे ज्यादा प्यार करते हैं, उन्हीं से अपनी नाराजगी भी तो जाहिर करते हैं। हर कोई सम्पूर्ण नहीं होता है। हर किसी में  कुछ न कुछ कमियां होती हैं। लेकिन इसका मतलब ये तो नहीं कि हम लोगों में उनके गुणों को न देख कर सिर्फ कमियां ही देखेंगे, तो कहीं भी अच्छाई को प्राथमिकता नहीं दे तो पायेंगे। इसलिए लोगों के गुणों पर ध्यान देकर हम उन्हें आगे बढ़ाने में उनकी मदद भी कर सकते हैं।

3, शिकायतों से बचें।

कई बार ऐसा होता है कि जब कोई काम हमारे मन के अनुकूल नहीं होता है, तो लोगों के प्रति बहुत सारी शिकायतें अपने मन में दबाये रखते हैं। जबकि उसके वास्तविक कारणों पर हम ध्यान नहीं देते हैं। ऐसे में रिश्तों के बीच में दरार पड़ने की सम्भावना बनी रहती है।

सबसे पहले हमें अपने मन में दबी हुई शिकायतों को छोड़ना होगा। इससे हमारे रिश्ते और भी गहरे होंगे। शिकायतों को छोड़ने का सबसे अच्छा तरीका ये है कि सभी शिकायतों को एक कागज पर लिख लिया जाये। इससे मन को काफी शांति मिलती है।

4, क्षमा, जो हमें महान  बनाता है।

गलतियां अक्सर इंसानों से ही होती हैं। उन गलतियों से सबक लेकर और क्षमा मांगने से रिश्ते में आयी दूरियां भी मिट जाती हैं और हम आगे बढ़ कर जीवन पथ पर निरंतर चलते रहते हैं। जिस पेड़ में जितने अधिक फल लगे होते हैं वे उतने ही ज्यादा झुके हुए होते हैं। हम इंसानों के साथ भी यही बात लागू होती है। जो व्यक्ति  जितने ज्यादा विनम्र होते है वे उतने ही ज्यादा झुके हुए होते हैं तथा उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा भी काफी ऊंची होती है।

अपनी गलती पर क्षमा मांगना और दूसरों की गलती पर क्षमा कर देना भी एक बहुत बड़ी कला है। अपनी इसी भावना के साथ जब हम आगे बढ़ेंगे, तो पायेंगे कि हमारे आस पास जितने भी लोग हैं उन सबसे हमारे रिश्ते बहुत ही गहरे हैं और हमें कभी भी ये अनुभव नहीं होगा कि हम अकेले हैं। क्योंकि सब कुछ हमारे अपने हाथों में है।

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