प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय (शाखा: नवाटोली, बाड़ू) के तत्वावधान में कांके प्रखंड के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में एक विशाल एवं प्रभावी नशा मुक्ति जन-जागरूकता अभियान का सफल आयोजन किया गया। इस विशेष अभियान के तहत संस्था के प्रतिनिधियों और स्थानीय समाजसेवियों ने नवाटोली, बाड़ू, पिठोरिया सहित कांके के तमाम दूरदराज के गाँवों का दौरा किया और जन-जन तक नशामुक्त जीवन का पावन संदेश पहुँचाया। कार्यक्रम के दौरान संस्था के सदस्यों एवं सहयोगियों ने हाथों में प्रेरक संदेशों से सजे नशा विरोधी पोस्टर और बैनर लेकर गाँव-गाँव में पैदल मार्च निकाला और मुख्य चौराहों से लेकर घर-घर जाकर ग्रामीणों को नशे के जानलेवा दुष्प्रभावों के प्रति सचेत किया।
इस अवसर पर बी के राजमती जी ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा आज हमारे समाज को दीमक की तरह अंदर ही अंदर खोखला कर रहा है। उन्होंने कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को ही नष्ट नहीं करता, बल्कि बने-बनाये हँसते-खेलते घर-परिवार, रिश्ते और पूरे समाज के ताने-बाने को पूरी तरह तबाह कर देता है। कई अच्छे और खुशहाल परिवार नशे की इस बुरी लत के कारण आर्थिक तंगी, बिखराव और मानसिक तनाव की गर्त में चले जाते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि हमें अपने गाँव, समाज और राज्य का सर्वांगीण विकास करना है, तो सबसे पहले अपने परिवारों को नशे की इस सामाजिक बुराई से बचाकर रखना होगा। एक सशक्त, समृद्ध और खुशहाल झारखंड का निर्माण केवल और केवल नशामुक्त वातावरण में ही संभव है।
अभियान के दौरान ग्रामीणों को अपने परिवार को नशे से दूर रखने तथा गाँव में एक स्वस्थ वातावरण बनाने का संकल्प भी दिलाया गया। उपस्थित लोगों ने एक स्वर में अपने-अपने क्षेत्रों को नशामुक्त बनाने में पूर्ण सहयोग देने का भरोसा दिया। इस पूरे जन-जागरूकता अभियान को सफल बनाने और गाँव-गाँव में नशा मुक्ति की अलख जगाने में मुख्य रूप से सुशील गाड़ी, रीना गाड़ी, रुकमणी उरांव, सुमरी उरांव, मंगल किस्पोट्टा, बैजंती खलखो, चितरंजन प्रमाणिक और सुमंती गाड़ी उपस्थित रहे। इन सभी ने पूरी निष्ठा के साथ हाथों में पोस्टर-बैनर लेकर ग्रामीणों से नशा त्यागने की भावुक अपील की और इस अभियान को एक नया आयाम दिया।




