राँची। तेरापंथ सभा, तेरापंथ युवक परिषद, एवं तेरापंथ महिला मंडल, राँची के संयुक्त तत्वावधान में ज्ञानशाला जागरूकता एवं प्रेरणा कार्यक्रम का आयोजन श्रद्धा, उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ नमस्कार महामंत्र के सामूहिक जाप से हुआ।
कार्यक्रम में ज्ञानशाला उड़ीसा-झारखंड क्षेत्र के आंचलिक प्रभारी श्री बछराज जी बेतला का सम्मानपूर्वक स्वागत किया गया। अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में उन्होंने कहा कि “ज्ञानशाला जैन धर्म के संस्कारों का दीप जला रही है।” उन्होंने कहा कि बच्चों में नैतिक मूल्यों, धार्मिक संस्कारों, अनुशासन एवं व्यक्तित्व निर्माण के लिए ज्ञानशाला एक सशक्त माध्यम है। प्रत्येक परिवार को अपने बच्चों को ज्ञानशाला से जोड़ना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ी संस्कारवान एवं चरित्रवान बन सके।
कार्यक्रम की अध्यक्षता तेरापंथ सभा,राँची के अध्यक्ष अमरचंद जी बेगानी ने की। उन्होंने अपने संबोधन में ज्ञानशाला के महत्व पर प्रकाश डालते हुए सभी श्रावक-श्राविकाओं से इस अभियान को जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर तेरापंथ सभा के मंत्री विनोद बेगवानी, तेरापंथ युवक परिषद के अध्यक्ष पंकज बोहरा, मंत्री ललित सेठिया, तेरापंथ महिला मंडल की अध्यक्ष सरिता दस्सानी,मंत्री पूजा नाहटा,संजय सिंघी,विजय बोथरा,कोमल गेल्डा, आकाश बेगानी, लालचंद बोथरा,बिमल दस्सानी,रूबी बांठिया, सोनू संचेती,नेहा बेगानी,सरिता सिंघी,अर्पिता बेगानी सहित अनेक श्रावक-श्राविकाएँ उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का प्रभावी एवं गरिमापूर्ण संचालन कमलेश संचेती एवं रिद्धि बांठिया ने संयुक्त रूप से किया। अंत में सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए ज्ञानशाला के प्रचार-प्रसार एवं अधिकाधिक बच्चों को इससे जोड़ने का संकल्प लिया गया।




