आलेख़

ऑन लाइन शिक्षा व्यवस्था, विद्यालयों द्वारा उठाया गया एक उचित कदम : गुड़िया झा

रांची , झारखण्ड | अगस्त | 14, 2020 :: जब से कोरोना के कारण लॉक डाउन शुरू हुआ है, तभी से स्कूलों नें नये सत्र की शुरुआत ऑन लाइन शिक्षा व्यवस्था के माध्यम से कर दी है। उनकी ये मुहिम लगातार जारी है। स्कूल प्रबंधकों द्वारा योजना अनुसार चलाई जा रही इस अभियान नें बच्चों को पढ़ाई के प्रति जागरूक रहने के लिए एक प्रेरणा दायक प्रक्रिया की शुरुआत की है। इसी प्रक्रिया का ये परिणाम है कि बच्चों नें पढ़ाई के प्रति अपनी दिलचस्पी को बनाये रखा है। इतना ही नहीं स्कूल प्रबंधकों द्वारा अभिभावकों और शिक्षकों के बीच होने वाली गूगल मीट के द्वारा एक उत्साह पूर्वक कार्य प्रणाली के माध्यम से यह साबित कर दिया है कि वास्तव मे इस कोरोना काल में लॉक डाउन के कारण अभिभावकों और बच्चों को किसी भी तरह की कोई समस्या नहीं हो, उनके द्वारा उठाया गया यह कदम बहुत ही सराहनीय है। इस मीटिंग के माध्यम से अभिभावक भी शिक्षक के समक्ष अपने और बच्चों से सम्बंधित होने वाली परेशानियों को निःसंकोच प्रकट करते हैं।
शिक्षक भी इस बात का पूरा ध्यान रखते हैं कि अभिभावकों और बच्चों को किसी भी प्रकार की कोई समस्या नहीं हो। शिक्षक द्वारा सही समय पर क्लास शुरू करना, बच्चों को पढ़ाई से सम्बंधित सही सही जानकारी देना, नोट्स तैयार कराना, अनुशासन सिखाना और समय के प्रति जागरूक रहने आदि कई ऐसे कदम हैं जो बच्चों के उज्जवल भविष्य को ध्यान में रखते हुए उठाये गये हैं। सच में कहा भी जाता है कि शिक्षक बच्चों के लिए उस मजबूत स्तम्भ की तरह होते हैं, जो आगे भविष्य में बच्चों को एक मजबूत ढाल की तरह तैयार करते हैं।
ऑन लाइन शिक्षा के माध्यम से भी उन्होंने बच्चों को पढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उनकी इस मेहनत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि क्लास की शुरुआत होने से लेकर उसके अंत होने तक एक एक विषय की बहुत ही गहराई से अध्ययन कराते हैं। उनके इस लगन को देखते हुए बच्चे भी शिक्षक द्वारा दिये गये गृह कार्य को बहुत ही दिलचस्पी से पूरी करते हैं।
इन सारी क्रियाओं से एक बात तो स्पष्ट है कि हम सभी मिलकर इस महामारी में भी एक साथ इसका सामना करते हुये, आगे बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए कि जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं हो और अभिभावकों की भी चिंता दूर रहे, विद्यालयों का ये कार्य बेहद ही प्रभावशाली है।
ये एक प्रकार से हमारे लिए सीखने का समय है कि किस तरह से हम सबने मिलकर इस कोरोना के समय में, जब सभी शिक्षण संस्थायें बंद हैं, तो शिक्षा जगत से जुड़े सदस्यों नें इतनी बड़ी चुनौती को अवसर के रूप में परिवर्तित कर आने वाले समय में देश के भविष्य को इस तरह से संवारने का कार्य किया है कि इनके सम्मान में जितने भी शब्द कहे जायें बेहद कम हैं।

Leave a Reply