रामगढ़, झारखण्ड | अगस्त 20, 2024 ::
रामगढ़ महाविद्यालय के सभागार में व्याख्यान श्रृंखला के तहत डिजिटल एजुकेशन पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रचार्या डॉ रत्ना पांडेय ने कहा कि नई शिक्षा नीति के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए रामगढ़ महाविद्यालय कृत्संकल्प है। इसके तहत कुछ नए ऐसे पेपर्स हैं जिनके शिक्षक नहीं हैं उन पेपर्स के पाठक्रम को पूरा करना एक चुनौती है लेकिन जहां तक हो सके विद्यार्थियों को शिक्षण सुविधा देने की कोशिश की जा रही है। इसी क्रम में आज कौशल संवर्धन अध्ययन के तहत डिजिटल एजुकेशन ब्याख्यान का आयोजन किया जा रहा है। ज्ञात हो कि नई शिक्षा नीति के तहत प्रारंभ नवीनतम पाठ्यक्रम में प्रथम, द्वितीय और तृतीय सत्र में कौशल संवर्धन अध्ययन के एक महत्वपूर्ण विषय के रूप में डिजिटल एजुकेशन को सम्मिलित किया गया है। आज के ब्याख्यान में प्रो. रोज उराँव ने डिजिटल शिक्षा के अर्थ एवं विकास को छात्र-छात्राओं को स्पष्ट किया। डा. प्रीति कमल ने डिजिटल एजुकेशन की भूमिका और महत्व तथा प्रो. साजिद हुसैन ने उसके लाभ और हानि पर प्रकाश डाला। जबकि डा. मालिनी डीन और डा. शाहनवाज खान ने रोचक तरीके से डिजिटल शिक्षा की चुनौतियों को बताया। इस अवसर पर सैकड़ो की संख्या में छात्र छात्राएं उपस्थित होकर ब्याख्यान का लाभ उठाए।




