राची, झारखण्ड | सितम्बर 12, 2024 ::
मार्क्सवादी समन्वय समिति (मासस) का भाकपा माले में विलय प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हो गई है। इसके साथ ही, सेन्ट्रल कमिटी की बैठक धनबाद में सम्पन्न होने के बाद भाकपा माले महासचिव कॉमरेड दीपांकर भट्टाचार्य और झारखंड राज्य सचिव मनोज भक्त ने भाकपा माले राज्य कार्यालय, महेन्द्र सिंह भवन, रांची में प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया के पत्रकारों को संबोधित किया और विलेय प्रक्रिया, झारखंड के साथ-साथ देश-विदेश के विभिन्न मुद्दों पर मीडिया द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब दिए।
प्रेस को संबोधित करते हुए भाकपा माले महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि मासस का भाकपा माले में पूर्ण विलय संपन्न हो गया है। इस प्रक्रिया के तहत मासस के 5 नेताओं को केंद्रीय कमिटी में शामिल किया गया है, जिनमें आनंद महतो, हलधर महतो, अरूप चटर्जी, आर डी मांझी, और आमंत्रित सदस्य निताई महतो शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह विलेय प्रक्रिया ऐतिहासिक महत्व की है और यह झारखंड के साथ-साथ देश की राजनीति को जन आधारित मुद्दों पर संघर्ष को तेज करेगी।
महासचिव ने आगामी जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, और महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में इंडिया गठबंधन के सहयोगियों का समर्थन करने की बात की और झारखंड विधानसभा में इंडिया गठबंधन के साथ मजबूत दावेदारी के साथ चुनाव लड़ने का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि मजदूर आंदोलन और झारखंड आंदोलन का केंद्र छोटानागपुर रहा है, और भाकपा माले और मासस का आंदोलन भी मजबूत रहा है। पलामू प्रमंडल में भी पार्टी का जनाधार मजबूत है, इसलिए पार्टी यहां भी मजबूत दावेदारी पेश करेगी और भाजपा को झारखंड से बेदखल करेगी।
दीपांकर भट्टाचार्य ने झारखंड में निजीकरण और रोजगार संकट के बढ़ते प्रभाव पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि निजीकरण की वजह से आम लोगों की समस्याएं बढ़ रही हैं और रोजगार के लिए स्थायी समाधान नहीं मिल पा रहा है। केंद्र की भाजपा सरकार झारखंड के खनिज-संपदा और जल-जंगल-जमीन पर एकाधिकार जमाना चाह रही है, जिससे अशिक्षा, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, और पलायन की समस्याएं बढ़ेंगी।
महासचिव ने कहा कि महिलाओं के यौन उत्पीड़न, गौ रक्षा के नाम पर लिंचिंग, दलितों पर अत्याचार, और मजदूरों के मौलिक अधिकारों पर हमलों के खिलाफ सरकार पूरी तरह से विफल रही है। इन समस्याओं को रोकने और न्याय दिलाने के लिए भाकपा माले हमेशा जन आधारित मुद्दों को विभिन्न आंदोलनों के साथ सदन तक उठाने के लिए अग्रिम पंक्ति में रहेगा।




