राची, झारखण्ड | दिसम्बर | 03, 2024 ::
ज़ेवियर इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल सर्विस (एक्सआईएसएस), रांची, ने मंगलवार को अपने संरक्षक संत फ्रांसिस ज़ेवियर एसजे का पर्व मनाया। इस अवसर पर संस्थान के फैकल्टी, स्टाफ और छात्रों ने पवित्र यूखारिस्ट समारोह में भाग लिया और अपने संरक्षक संत से आशीर्वाद प्राप्त किया, जिन्होंने अपने छोटे लेकिन प्रेरणादायक जीवनकाल में अनेक लोगों के जीवन को छुआ।
भारत के प्रेरित संरक्षक के रूप में प्रसिद्ध संत फ्रांसिस ज़ेवियर 1542 में भारत आए और लगभग 10 वर्षों तक निःस्वार्थ रूप से परमेश्वर का वचन फैलाने के लिए कार्य किया। उनका ताबूत गोवा के बॉम जीसस बेसिलिका में सुरक्षित है।
समारोह का संचालन संस्थान के निदेशक डॉ जोसफ मरियानुस कुजुर एसजे ने किया। श्रद्धांजलि स्वरूप उन्होंने सुसमाचार पर विचार करते हुए कहा, “मनुष्य को यदि सारा संसार प्राप्त हो जाए लेकिन अपनी आत्मा खो दे तो उसे क्या लाभ होगा?” उन्होंने यह भी कहा कि संत फ्रांसिस ज़ेवियर ने हमेशा समाज की सेवा को चुना और हमें भी उनके आदर्शों का पालन करते हुए सही निर्णय लेने का प्रयास करना चाहिए।
डॉ प्रदीप केरकेट्टा एसजे, सहायक निदेशक, एसआईएसएस, ने फादर अशोक कंडुलना और फादर निकोलस बारला के साथ प्रार्थना में समुदाय का नेतृत्व किया और यह दोहराया कि हमें संत फ्रांसिस ज़ेवियर के गुणों को आत्मसात करने का हर संभव प्रयास करना चाहिए।
मास के दौरान बाइबल से पहला और दूसरा पाठ पढ़ा गया और निदेशक ने संक्षिप्त प्रवचन दिया। उन्होंने पूरे संस्थान परिवार के कुशल-क्षेम के लिए प्रार्थना की। कार्यक्रम का समापन सभी कैथोलिक सदस्यों को पवित्र यूखारिस्ट वितरित कर किया गया।
डॉ प्रदीप केरकेट्टा एसजे ने धन्यवाद ज्ञापन दिया, जिसमें उन्होंने गायन और नृत्य प्रस्तुति देने वाले दल और उपस्थित सभी लोगों को प्रार्थना में भाग लेने के लिए धन्यवाद दिया। इस अवसर पर एसआईएसएस परिवार द्वारा केक कटिंग समारोह का भी आयोजन किया गया।




