राची, झारखण्ड | अक्टूबर | 12, 2022 :: रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन एवं मारवाड़ी सहायक समिति के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने स्वतंत्रता सेनानी प्रखर चिंतक एवं समाजवादी विचारधारा के पुरोधा डॉ राम मनोहर लोहिया की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा है कि डॉक्टर लोहिया का जन्म 23 मार्च 1910 को उत्तर प्रदेश के फैजाबाद जनपद में अकबरपुर नामक स्थान में हुआ था।
वे बचपन से ही विलक्षण प्रतिभा के धनी थे डॉक्टर लोहिया धर्म, दर्शन,इतिहास,भूगोल, अर्थशास्त्र, विज्ञान ,साहित्य, कला एवं संस्कृति- हर क्षेत्र में दखल रखते थे।
हिंदी एवं भारत की दूसरी भाषाओं के साहित्यकारों ने उन से प्रभावित होकर सार्थक साहित्य की रचना की।
डॉक्टर लोहिया ने एक साथ सात क्रांतियों का आवाह्न किया जिसमें नर नारी की समानता के लिए, चमड़ी के रंग पर रची राजकीय, आर्थिक और दिमागी असमानता के खिलाफ, संस्कारगत, जन्मजात जाति प्रथा के खिलाफ और पिछड़ों को विशेष अवसर के लिए, परदेसी गुलाम के खिलाफ और स्वतंत्रता तथा विश्व लोक राज के लिए, निजी पूंजी की विषमताओं के खिलाफ और आर्थिक समानता के लिए तथा योजना द्वारा पैदावार बढ़ाने के लिए अस्त्र शस्त्र के खिलाफ और सत्याग्रह के लिए, निजी जीवन में अन्यायी हस्तक्षेप के खिलाफ और लोकतंत्रि पद्धति के लिए, लोगों को प्रेरित किया।
उन्होंने कश्मीर समस्या हो, गरीबी, असमानता, आर्थिक मंदी इन तमाम मुद्दों पर चिंतन किया।
डॉ राम मनोहर लोहिया का देहांत 57 वर्ष की आयु में 12 अक्टूबर 1967 को हुआ।




