नई दिल्ली ,पीतमपुरा
अणुव्रत अनुशास्ता आचार्य श्री महाश्रमण जी की प्रबुद्ध शिष्या साध्वीश्री अणिमाश्री जी के सानिध्य में खिलोनी देवी धर्मशाला, पीतमपुरा सभा में रविवार के विशेष प्रवचन के दौरान अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह के बैनर का विमोचन हुआ। इस अवसर पर साध्वी श्री जी ने कहा कि अणुव्रत प्रवर्तक महान संत आचार्य तुलसी ने अपनी दूरदर्शी सोच से वर्षों पूर्व स्वयं द्वारा प्रवर्तित अणुव्रत आंदोलन के माध्यम से मानवता के लिए सटीक आचार संहिता बना दी थी जोकि आज भी सर्वाधिक प्रासंगिक है।आगामी
1 अक्टूबर 24 से 7 अक्टूबर 24 तक अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह का भारत और नेपाल में आयोजन होने जा रहा है वह निष्पतिमूलक रहे।अणुविभा की टीम बहुत सक्षम है और उद्बोधन सप्ताह की राष्ट्रीय संयोजिका डॉ कुसुम लुनिया जो यंहा उपस्थित हुई है यह भी अणुव्रत की समर्पित कार्यकर्ता है, खूब विकास करे।
डॉ. साध्वीश्री सुधाप्रभा जी ने जैन तत्वज्ञान पर प्रबोध दिया,साध्वीश्री मैत्री प्रभा जी ने प्रेक्षा ध्यान के प्रयोग करवाये।
इस मौके पर डॉ कुसुम लुनिया ने कृतज्ञता के स्वरों में कहा कि श्रद्घेय साध्वी श्री अणिमाश्री जी की वक्तृत्व शैली अद्भूत है, भारतमंडपम में माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी ने आपसे विशेष चर्चा वार्ता की।तात्कालीन केंद्रीय कानून, संसदीय कार्य और संस्कृति राज्य मंत्री एवं अणुव्रत संसदीय मंच के संयोजक अर्जुनराम जी मेधवाल ने भी संसद में आयोजित अणुव्रत सांसद संगोष्ठी में ने भी आपकी विशिष्ट शैली का पुनः उपयोग करने की बात रखी।डॉ लुनिया ने आगे बताया कि अणुव्रत अनुशास्ता द्वारा उद्धोषित अणुव्रत अनुशास्ता द्वारा निर्देशित अणुव्रत सप्ताह के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अविनाश नाहर व महामंत्री भीखम सुराणा के नेतृत्व में स्थानीय ईकाईयों में पुरे उत्साह से तैयारिया चल रही हैं। अणुव्रत समिति दिल्ली ट्रस्ट ने भी दिल्ली में सघन रूपरेखा बनाई है।
इस अवसर पर दिव्ली समिति के कोषाध्यक्ष श्री विनोद चोरडिया, श्री बाबुलाल संचेती ,सुश्री हिमांशी पुगलिया, श्री प्रदीप संचेती, श्रीमती ममता संचेती एवं टीना पुगलिया विशेष रूप से उपस्थित रहे।



