राची, झारखण्ड | मार्च | 23, 2025 ::
डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय, रांची में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) द्वारा शहीद-ए-आज़म भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव और जनकवि अवतार सिंह ‘पाश’ की शहादत को याद करते हुए एक विचारगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में वर्तमान सामाजिक-राजनीतिक परिदृश्य पर चर्चा हुई, साथ ही भगत सिंह के विचारों और उनकी प्रासंगिकता पर विस्तृत विमर्श किया गया। छात्र राजनीति, सांप्रदायिकता और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों पर भी गहन अध्ययन हुआ।
कार्यक्रम का संचालन मो. समी ने किया। आइसा के राज्य सचिव त्रिलोकी नाथ ने भगत सिंह के संघर्ष और विचारधारा को प्रस्तुत करते हुए अवतार सिंह ‘पाश’ की कविताओं को मजदूरों, किसानों, छात्रों और युवाओं के पक्ष में रेखांकित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आज के समय में छात्र-युवा वर्ग को देश की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए ताकि जातीय उत्पीड़न, सांप्रदायिकता, बेरोजगारी, शिक्षा संकट और महिला समानता की लड़ाई को भगत सिंह के विचारों के आधार पर मजबूत किया जा सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि भगत सिंह न केवल एक क्रांतिकारी थे, बल्कि एक दूरदर्शी विचारक भी थे, जिन्होंने सांप्रदायिकता और शोषण के खिलाफ संघर्ष का रास्ता दिखाया।
इस अवसर पर छुटुराम महतो, विजय कुमार, मोहम्मद सोहेल, मो. समी, सोनाली केवट, अनुराग राय, सोनू, निखिल, सत्यप्रकाश सहित दर्जनों छात्र मौजूद रहे। सभा में भगत सिंह और पाश की क्रांतिकारी विरासत को आत्मसात करने तथा सामाजिक बदलाव के संघर्ष को तेज करने का संकल्प लिया गया।




