रांची, झारखण्ड | मार्च | 03, 2022 :: कलाकृति स्कूल ऑफ़ आर्ट्स एवं कलाकृति आर्ट फाउंडेशन के द्वारा विश्व वन्य प्राणी दिवस का आयोजन ऑनलाइन किया | इस अवसर पर पुरे विश्व भर से कलाकृति के छात्रों ने हिस्सा लिया | सभी बच्चों ने वन्य प्राणियों के चित्रों को अपने कैनवास पे उकेरा एवं उन्हें संरक्षित करने का सन्देश दिया | इस अवसर पर संस्था के संस्थापक और निदेशक धनंजय कुमार ने कहा की हर साल 3 मार्च का दिन धरती पर मौजूद वन्य जीवों और वनस्पतियों को समर्पित है. वन्य जीव और वनस्पति हमारे जीवन और विकास के लिए कितने ज़रूरी हैं इसके बारे में लोगों को बताने और जागरुक करने के उद्देश्य से हर साल 3 मार्च को ‘वर्ल्ड वाइल्डलाइफ डे’ (World Wildlife Day) मनाया जाता है. दुनियाभर में जीव-जंतुओं और वनस्पतियों की अनेक प्रजातियां धीरे-धीरे लुप्त होती जा रही हैं. भारत में इस समय 900 से भी ज्यादा दुर्लभ प्रजातियां खतरे में बताई जा रही हैं. यही नहीं, विश्व धरोहर को गंवाने वाले देशों की लिस्ट में दुनियाभर में भारत का चीन के बाद 7वां स्थान है.
दुनियाभर से लुप्त हो रहे जंगली फल-फूलों के अंतरराष्ट्रीय ट्रेड को रोकने के लिए 3 मार्च 1973 को यूनाइटेड नेशंस के प्रस्ताव पर साइन हुए थे. 20 दिसंबर 2013 को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 63वें सत्र में तय हुआ कि इस तारीख को सेलिब्रेट करने के लिए हर साल 3 मार्च को वर्ल्ड वाइल्डलाइफ डे मनाया जाएगा और 3 मार्च 2014 को मनाया गया पहला विश्व वन्यजीव दिवस.
क्या है वर्ल्ड वाइल्डलाइफ डे 2022 की थीम ?
हर साल एक ख़ास थीम के साथ वर्ल्ड वाइल्डलाइफ डे मनाया जाता है. इस साल की थीम है Recovering key species for ecosystem restoration यानि पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली के लिए प्रमुख प्रजातियों को पुनर्प्राप्त करना |




