राची, झारखण्ड | अप्रैल | 12, 2025 ::
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान एन आई टी जमशेदपुर और शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास दिल्ली के संयुक्त तत्वाधान में इंप्लीमेंटेशन ऑफ नेशनल एजुकेशनल पॉलिसी एन ई पी 2020(राष्ट्रीय शिक्षा नीति का तकनीकी शिक्षा में क्रियान्वयन) विषय पर दो दिवसीय( 12 ओर 13 अप्रैल 2025) राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन का उद्घाटन शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सचिव अतुल कोठारी, कोषाध्यक्ष सुरेश गुप्ता, ए आई सी टी ई के मेंबर सेक्रेटरी डॉ राजीव कुमार ,राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान के उप निदेशक डॉ राम विनय शर्मा, डॉ रंजीत प्रसाद ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया। मां सरस्वती वंदना से उदघाटन सत्र का उद्घाटन हुआ। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान जमशेदपुर के उप निदेशक डॉ राम विनय शर्मा ने मुख्य अतिथि अतुल कोठारी को सॉल एवं स्मृति चिन्ह से सम्मानित किया। कार्यशाला में आई आई टी भिलाई, गुजरात टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी, बी आई टी सिंदरी, वाई बी एन यूनिवर्सिटी, झारखंड राय यूनिवर्सिटी, आर्का जैन यूनिवर्सिटी, एन आई टी पटना, आई आई टी अहमदाबाद, सरदार बल्लभभाई राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान सूरत, आई आई टी जबलपुर, बहरागोड़ा पॉलीटेक्निक, गवर्नमेंट पॉलीटेक्निक सिमडेगा, गवर्नमेंट टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज इंस्टीट्यूट ऑफ़ एडवांस्ड स्टडीज इन एजुकेशन रांची झारखंड सहित पूरे भारत से सैकड़ो तकनीकी शिक्षा के विद्वान प्राध्यापक, निदेशक, कुलपति, शिक्षाविद्, शोधार्थी ने अपनी प्रतिभागिता सुनिश्चित किये। मुख्य वक्ता अतुल कोठारी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 जिसका उद्देश्य है ऐसे नागरिक का निर्माण करना है जो विचार से, अपने बौद्धिकता से, अपने कार्यव्यवहार से अपनी संस्कृति, प्रकृति और प्रगति के साथ भारत का विकसित रूप संपूर्ण विश्व में सुनिश्चित करना है। उन्होंने एन इ पी 2020 के क्रियान्वयन के लिए सबसे पहली चुनौती यह बतलाया कि हम सभी एन इ पी 2020 का ड्राफ्ट जो हिंदी में लगभग 100 पेज एवं अंग्रेजी में 66 पेज में है को जरूर पढ़ें। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि इन इ पी 2020 तीन भाग में है जिसमें मल्टीडिससिपिलिनरी एप्रोच, मल्टीपल एक्जिट एंड एंट्री ओर एकेडमिक बैंक क्रेडिट है। उन्होंने वर्तमान समय में नीड बेस्ड रिसर्च, ओरिएंटेशन ऑफ़ रिसर्च फॉर्म 1st इयर, मातृभाषा में रिसर्च को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने विद्यानिवास मिश्र को उद्धृत करते हुए कहा कि शिक्षा के तीन आधार ज्ञान, चरित्र और कौशल स्किल है। एन ई पी 2020 में हॉलिस्टिक एप्रोच के साथ साथ प्रैक्टिकलिटी बहुत आवश्यक है। भारत में 5 प्रतिशत भी प्रैक्टिकलिटी नहीं है वहीं साउथ कोरिया में 97 प्रतिशत है। विद्यार्थियों को डिजास्टर मैनेजमेंट का गुर करवा कर सिखाना होगा। उन्होंने ने अपने व्याख्यान में स्पिरिचुअल एजुकेशन से तकनीकी शिक्षा, पंचकोष से जोड़ते हुए यही कहा कि स्वामी विवेकानंद ने कहा है एजुकेशन का अर्थ है जो मैन मेकिंगेड कैरेक्टर बिल्डिंग करे। इस अवसर पर राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान जामशेदपुर के उप निदेशक डॉ राम विनय शर्मा ने झारखंड रांची से वाई बी एन यूनिवर्सिटी के चेयरमैन डॉ रामजी यादव को शिक्षा के क्षेत्र में रांची में विश्वविद्यालय, विद्यालय एवं मैकलुस्कीगंज में गुरुकुलम प्रारंभ कर शिक्षा जगत में अच्छा काम करने के लिए साल एवं स्मृति चिन्ह से सम्मानित किया गया साथ ही झारखंड का प्रसिद्ध विद्यालय राजकमल सरस्वती विद्या मंदिर के संस्थापक प्राचार्य 82 वर्षीय डॉ वासुदेव प्रसाद आचार्य संप्रति शोधार्थी सामाजिक समरसता के सुमेरु मध्यकालीन संत विषय पर सामाजिक चेतना के लिए अच्छा काम करने के लिए उन्हें साल एवं स्मृति चिन्ह से सम्मानित किया। कार्यशाला में राजकीय शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय इंस्टीट्यूट ऑफ़ एडवांस्ड स्टडीज इन एजुकेशन रांची झारखंड के शिक्षक डॉ ओम प्रकाश ने कहा कि आई आई टी भिलाई के मार्गदर्शन में महाविद्यालय के प्रशिक्षु शिक्षकों को डिजिटली शार्प किया जाएगा ताकि गांव के स्कूलों में पढ़ रहे विद्यार्थियों तक नई शिक्षा नीति पहुंच जाए एवं प्रशिक्षु शिक्षक तकनीकी रूप से शिक्षित होकर विकसित भारत का ब्रांड एंबेसेडर बने। डॉ राजीव कुमार, डॉ राजीव प्रकाश निदेशक आई आई टी भिलाई, प्रो डॉ राजुल कुलपति गुजरात टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी, प्रो राजीव कुमार मेंबर सेक्रेटरी ने विभिन्न सत्रों को संबोधित किया।



