राची, झारखण्ड | अगस्त 21, 2024 ::
हिन्दी कैलेंडर के अनुसार भादो तृतीय कजली / सातूड़ी तीज माहेश्वरी समाज के लिए खास त्यौहार | हरियाली तीज से सुहागन महिला एवं कुवारी लड़कियां हाथो में मेहंदी रचा, झूला सजा, तीज के गीत, डांस के साथ शुरू करती है सिंधारा का प्रोग्राम | गेहूं आटा, बेसन, चावल आटा, मैदा से बनाकर ड्राई फ्रूट्स से सजा कर घर में ही मिठाई बनाई जाती है जिससे सत्तू या पिंडा कहा जाता है | तीज के पहले दिन नवविवाहित के लिए पहली तीज स्पेशल होती है इस दिन पीहर ससुराल से गिफ्ट्स मिलते है | तीज के दिन भर उपवास कर शाम को महिलाये सोलहा श्रृंगार कर एकत्रित होकर नीमरी माता जो की मिट्टी की पाल बनाकर नीम की डाली लगाकर बनाई जाती है पूजा कर सुहागन पति की लम्मी आयु, घर परिवार की सलामती और कुमारी लड़कियां अच्छे घर वर की कामना कर चन्द्रमा को अर्घ देकर सिर्फ फ्रूट्स और मिठाई वाली सत्तू प्रसाद रूप ग्रहण करती है |




