स्वामी दिव्यानंद जी महाराज – भारत तिब्बत सहयोग मंच के केंद्रीय विशेष आमंत्रित सदस्य एवं प्रांत प्रधान संरक्षक (झारखंड), राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संत सुरक्षा मिशन ने यह बताया, कि चाइना का व्यवहार भारत के प्रति सदैव से शत्रुता पूर्ण रहा है, आज से 58 वर्ष पूर्व बडे ही षड्यंत्र पूर्व तरीके से भारी संख्या में सेना लेकर हमारे पवित्र भूमि पर हमला किया था, बहुत भारी संख्या में हमारे सैनिक भाइयों की जानें गई थी, इतना ही नहीं हमारे मातृभूमि यानी भारत माता के आंचल को काटकर वह अपने कब्जे में कर लिया और हमेशा भारत के प्रति शत्रुतापूर्ण भाव ही रखता आ रहा है,
स्वामी जी ने बताया, कि वर्तमान समय में भी सीमा में जबरजस्ती का एक युद्ध के तरीके का वातावरण बना रखा है, हमारे फौजी भाइयों के शौर्य और पराक्रम ने उनकी सेना को दबा रखा है,
चाइना का सबसे बड़ा व्यापारिक बाजार भारत है, चीन भारत के नागरिकों की मानसिकता को अच्छी तरह पहचानता है, हम बड़े धार्मिक और उदार हैं हम इसी की आड़ में वह ऐसा प्रलोभन देने के लिए ऐसे-ऐसे उत्पादों को बनाकर भारत निर्यात करता है, जिसे देखकर यहां के लोग मूल्य या दृष्टि के दृष्टिकोण से प्रभावित हो जाता है मोहित हो जाता है, और उनके उत्पादों को खरीदना विवसता महसूस करते हैं, किंतु हमें या ध्यान में रखने की आवश्यकता है, कि हमारे ही खरीदे गए पैसे से, वह अपने लिए सेना के ऊपर खर्च करता है, और हमारे ही विरुद्ध हमारी सेना के लिए बारूद एकत्रित करता है, कहीं न कहीं जाने-अनजाने उनके उत्पादों का उपयोग कर हम अपने देश के प्रति अनजाने में विरोध कर रहे हैं, इस जानकारी के पश्चात भी यदि हम अपने शत्रु को आर्थिक संबल देते हैं, तो कदाचित इसे देशद्रोह भी कहा जा सकता है,
यदि हमें अपने देश से प्रेम है तो अपने फौजी भाइयों के प्रति प्रेम है तो उनके उत्पादों को पूर्ण रूप से बहिष्कार करना चाहिए – करना पड़ेगा,
वर्तमान समय में इस बहिष्कार का शुभारंभ अपने शुभ दीपावली से ही करें और दूसरों मो भी प्रेरित करें, उनके पटाखे उनकी विद्युत सामग्री के साथ अन्य उत्पादों का बहिष्कार कर देश भक्ति के प्रति आस्था व्यक्त करें।




