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महाविद्यालय के किताबो के परिवहन पर देय जीएसटी को करमुक्त करने से सर्व शिक्षा अभियान में आएगी तेजी : अखौरी

राची, झारखण्ड  | दिसम्बर |  06, 2024 ::

उपभोक्ता वस्तुओं में कमी की आवश्यकता बताते हुए झारखण्ड कंज्यूमर प्रोडक्ट डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन (जेसीपीडीए) ने जीएसटी की कुछ विसंगतियों में संशोधन की मांग की। कहा गया कि जीएसटी संग्रह का 75 फीसदी राजस्व उपभोक्ताओं के रोजमर्रा के उपयोग से जुडी वस्तुओं पर एकत्र किया जाता है। यानि स्पष्ट है कि देश के जीएसटी कलेक्शन में सबसे बड़ा योगदान आम आदमी का है। जेसीपीडीए के अध्यक्ष संजय अखौरी ने जीएसटी काउंसिल की आगामी होनेवाली बैठक में एफएमसीजी प्रोडक्ट्स पर प्रभावी जीएसटी दर 18 फीसदी को 12 फीसदी करने की मांग की। कहा कि काउंसिल के इस निर्णय से उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा तथा उन्हें महंगाई से बड़ी राहत मिलेगी।

जीएसटी की कुछ विसंगतियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि GST में E-invoicing लागू होने के पश्चात भी डीलरों को e-Way Bill बनाने की बाध्यता है, इस पर GST Council को संज्ञान लेते हुए e-way Bill से मुक्ति देना एक सराहनीय कदम होगा।

जेसीपीडीए के अध्यक्ष संजय अखौरी ने कहा कि विक्रेता द्वारा माल आपूर्ति एवं इ-इन्वॉइसिंग के पश्चात भी, उनके द्वारा रिटर्न नहीं दाखिल करने के कारण क्रेता को इनपुट टैक्स क्रेडिट से वंचित कर देना नैसर्गिक न्याय के विरुद्ध है। इ-इन्वॉइसिंग के बाद विभाग को विक्रेता द्वारा किये गए बिक्री की जानकारी प्राप्त हो जाती है, ऐसी परिस्थति में क्रेता को इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ माल खरीदी के माह में मिलना विवेकपूर्ण होगा एवं विक्रेता के विरुद्ध उचित कार्यवाई अपेक्षित है, क्योंकि विक्रेता द्वारा क्रेता से कर का उद्ग्रहण कर लिया जाता है एवं विवरणी नहीं दाखिल करने की स्थिति में क्रेता को दोहरा करारोपण की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।

यह भी कहा गया कि जीएसटी में एमनेस्टी स्कीम की घोषणा की गयी है, किंतु अभी तक उसे लागू नहीं किया गया है, पोर्टल में इसकी सुविधा यथाशीग्र उपलब्ध करना उचित होगा। विभाग द्वारा डीलरों को फोन कर बकाया के भुगतान हेतु लगातार दबाव बनाया जा रहा है। जेसीपीडीए के अध्यक्ष ने यह भी सुझाया कि विद्यालय-महाविद्यालय के किताबो के परिवहन पर देय जीएसटी को करमुक्त करने से सर्व शिक्षा अभियान में तेजी आएगी एवं किताबो के दामों में कमी आएगी। कृषि एवं मोटर पार्ट्स यथा हेलमेट, दो पहिया वाहनों के प्रति सरकार उदासीन है। हेलमेट को कर-मुक्त करने एवं मोटर पार्ट्स में कर की दर कम करने से राजस्व की प्राप्ति भी होगी साथ ही सुरक्षा भी प्रदान होगा। जेसीपीडीए ने इन मामलों में काउंसिल से संज्ञान लेने का आग्रह किया।

 

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