रांची , झारखण्ड | नवम्बर | 11, 2020 :: स्वामी दिव्यानंद जी महाराज – भारत-तिब्बत सहयोग मंच (BTMS) के केंद्रीय विशेष आमंत्रित सदस्य सः प्रधान प्रांत संरक्षक (झारखंड) ने यह विज्ञप्ति जारी कर कहा कि, बड़े ही दुख के साथ स्मरण कराना पड़ रहा है, की 20 अक्टूबर 1962 को चाइना ने बड़े ही षड्यंत्र के साथ अचानक बहुत बड़ी सेना लेकर देवभूमि भारत के ऊपर आक्रमण किया था, उस युद्ध में हमारे भारतीय सैनिकों ने भी डटकर मुकाबला किया, किंतु बहुत सैनिक शहीद भी हो हुवे थे, और इसके साथ भारत की हजारों एकड़ जमीन पर चाइना ने कब्जा कर लिया था,
स्वामी जी ने बताया कि 14 नवंबर 1962 के दिन भारतीय संसद के दोनों सदनों में संयुक्त रूप से सभी नेता सभी सांसदों ने मिलकर यह शपथ ली थी, कि जब तक हम चाइना से अपनी एक एक इंच भी जमीन वापस नहीं ले लेते हैं, हम चैन से नहीं रहेंगे,
दुर्भाग्य या विडंबना यह कहें, कि अब तक की कोई भी सरकारें इस विषय पर कभी किसी ने ना कोई संज्ञान लिया ना ही कोई कार्यवाही की,
प्रत्येक वर्ष भारत तिब्बत सहयोग मंच इसे संकल्प स्मरण पखवाड़े के रूप में मनाता है,
स्वामी जी ने यह भी बताया, कि हमने माननीय इंद्रेश जी (मार्गदर्शक BTSM) के निर्देशानुसार सभी सांसदों को पत्र लिखकर उन से निवेदन किया है, कि आप भी संसद के अगले सत्र में यह आवाज उठाएं कि चाइना से जमीन वापिस लेनी है लेनी चाहिए,
यदि भारत के अधिकतर सांसद या वो किसी भी दल या पार्टी हों, भारत माता के अस्तित्व की रक्षा करने हेतु, इस भावना के साथ संसद में आवाज उठाते हैं, तो सरकार को इस दिशा में कार्य प्रारंभ कर सकती है,
अखिल भारतीय महामंत्री माननीय पंकज गोयल जी ने यह आह्वान किया है, कि भारत के सभी नागरिक उस संकल्प को स्मरण कर संपूर्ण देश में एक वातावरण में निर्माण करें कि भारत के सभी नागरिकों के मन में एक लक्ष्य हो कि भारत चाइना से अपनी सारी जमीन वापस ले।




