रांची, झारखण्ड | अगस्त | 07, 2021 ::
नागवंश एंड इट्स लास्ट किंगडम – रातू
प्रथम प्रदर्शन 07 अगस्त 2021
स्थान – रातू किला परिसर
समय – 01 बजे अपराह्न
डाॅक्युमेन्ट्री फ़िल्म (अवधि 30 मिनट)
आज दिनांक 7 अगस्त को रातू किले के प्रांगण मे नागवंश राजतन्त्र की अंतिम राजधानी रातू फोर्ट पर डॉ. सुशील कुमार अंकन के द्वारा बनाई गई डाक्यूमेंट्री फिल्म “नागवंश एण्ड इट्स लास्ट किंगडम – रातू फोर्ट” का प्रिमियर शो हुआ । इस अवसर पर डॉ श्याम प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सत्यनारायण मुंडा, उच्च शिक्षा के पूर्व निदेशक और रांची वि.वि. के इतिहास विभाग के प्रोफेसर सह डीन डॉ. डी.एन. ओझा, प्रोफेसर गीत ओझा, पूर्व डेप्यूटी मेयर अजय नाथ शाहदेव, सेंट्रल इन्डस्ट्रीअल सिक्युरिटी फोर्स के आई जी वर्तल सिंह, राजकुमारी माधुरी मंजरी देवी सहित रातू राजघराने के सभी वरिष्ठजन एवं पारिवारिक सदस्य उपस्थित थे। सभी ने सामूहिक रूप से इसका पोस्टर लॉन्च किया और डॉ सुशील कुमार अंकन ने फिल्म की एक कॉपी राजकुमारी माधुरी मंजरी देवी को भेंट की।
सभी ने एक स्वर से कहा की यह पहला अवसर है कि रातू राजघराने के साथ नागवंश के इतिहास का एलेक्ट्रॉनिकली डोक्यूमेनटेशन हुआ। पहली बार नागवंश को एक फिल्म के माध्यम से समेटा गया है।
इस फिल्म के निर्माता-निर्देशक ने कहा कि हमारा झारखंड जितना समृद्ध अपनी कला-संस्कृति में है उतनी ही समृद्धि इतिहास के पन्नों में दर्ज़ यहां की पौराणिक घटनाओं में भी है। हम सब गर्व कर सकते हैं कि भारत की पहली और विश्व की पाँचवी सबसे लंबी राजतंत्रीय व्यवस्था (डाइनेस्टी) नागवंशियों की है और जो राँची के रातू में है। आज भी रातू किला की दिवारें अपनी समृद्धि की कहानी बयान करती शान के साथ खड़ी हैं।
रातू का किला नागवंशीय शासन काल का छठा और अंतिम किला है। इससे पहले सुतियांबेगढ़, चुटियागढ़, खुखरागढ़, डोइसागढ (नवरतनगढ़) तथा पालकोटगढ़ नागवंश की शासन व्यवस्था का केन्द्र रहा है। लंबे समय तक इनकी शासन व्यवस्था कायम रहने तथा राजधानी बदलते रहने के कारण कई स्थानों में इनके किले हैं किन्तु कई के अब केवल अवशेष ही बचे हैं।
62 नागवंशीय महाराजाओं की शृंखला में प्रथम फणिमुकुट राय थे। जिन्हें शासन की बागडोर महाराज मदरा मुंडा से प्राप्त हुई थी। इनका शासन सन 83 में सुतियाम्बेगढ़ से शुरू होता है और यह शासन व्यवस्था रातूगढ़ पर आकर नागवंश के 62 वें महाराजा चिंतामणि शरण नाथ शाहदेव के साथ समाप्त हो जाती है, हांलाकि रातू किला का निर्माण नागवंश के 61वें महाराज प्रताप उदयनाथ शाहदेव ने करवाया था।
“नागवंश एंड इट्स लास्ट किंगडम – रातू फोर्ट’’ नाम की डाॅक्युमेन्ट्री उपरोक्त घटनाओं को समेट कर बनाई गई है ताकि पूरी दुनिया को ज्ञात हो सके कि नागवंश दुनिया की पाँचवी सबसे लंबी राजतंत्रीय व्यवस्था है और भारत की प्रथम सबसे लंबी डायनेस्टी है।
इस फिल्म को बनाने का उद्देश्य सिर्फ इतना है कि नागवंश के इस शासन परंपरा की जानकारी सर्वसुलभ हो। आज इतिहास पढ़ने वाले कई विद्यार्थी भी नागवंश के इस लंबी शासन व्यवस्था के बारे में नहीं जानते और न तो नागवंश पर अधिक पाठ्य सामग्री ही उपलब्ध है।
कुछ शौकिया वेब ब्लाॅगर्स ने चलते फिरते रातू फोर्ट की बाहरी भीतरी दिवारों को चित्रित कर सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर शेयर जरूर किया है किन्तु भारत की सबसे लंबी डायनेस्टी का इतिहास मात्र इतने से उजागर नहीं होता। इसलिये इसे विश्व पटल पर रखने के लिये यह डाॅक्युमेन्ट्री बनाई गई है।
इस फिल्म को बनाने में संप्रति रातू किला की देखभाल कर रही विजयगढ़ की राजमाता तथा महाराज चिंतामणि शरण नाथ शाहदेव की सबसे बड़ी पुत्री राजकुमारी श्रीमती माधुरी मंजरी देवी का बहुत योगदान है। इस फिल्म को तैयार करने में एक रिसर्च टीम बनाई गई थी जिसमें डाॅ॰ गिरधारी राम गौंझू, प्रो॰ रोज उराँव, शशिकला पौराणिक, विकास कुमार और मैं स्वयं था। शोध सामग्री जुटाने में वरिष्ठ पत्रकार विनय चतुर्वेदी ने भी काफी सहयोग किया। फिल्म की शूटिंग में मयंक मिश्रा, विकास कुमार, आलोक सत्यार्थी और रातू गढ़ के कर्मचारियों में महावीर सिंह, देवा, गाजे नगरची आदि ने बहुत मदद की।
रातू किला और नागवंश राजतंत्रीय व्यवस्था पर प्रकाश डालने में डाॅ॰श्यामाप्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ॰ सत्यनाराण मुंडा, राँची विश्वविद्यालय के डीन, इतिहास विभागाध्यक्ष तथा हायर एडुकेशन के निदेशक रहे प्रो॰ डी॰एन॰ ओझा, डाॅ॰ गिरधारी राम गौंझू, प्रो॰ गीता ओझा, राँची वि.वि. के फायनेंस अफसर डाॅ॰ कुमार आदितेन्द्र नाथ शाहदेव, पिठोरिया स्कूल के शिक्षक सुदर्शन नायक, पूर्व डिप्टी मेयर अजयनाथ शाहदेव, प्रवक्ता प्रतुलनाथ शाहदेव, चुटियागढ राम मंदिर के पुजारी महंत गोकुलदास जी ने अपना बहुमूल्य समय निकाल कर नागवंश के इतिहास तथा उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।
रातू किला जैसे धरोहर को संरक्षित करने का सम्मिलित प्रयास होना चाहिए ताकि यह हमेशा के लिये यादगार रहे अन्यथा समय के साथ बहुत कुछ इतिहास के गर्भ में समा जाता है।
“नागवंश एण्ड इट्स लास्ट किंगडम – रातू फोर्ट”
डाक्यूमेंट्री फिल्म की टीम
शोध कार्य – सुशील अंकन, प्रो. रोज़ उरावं, शशिकला पौराणिक, विकास कुमार,
शोध कार्य सहयोग – डॉ. गिरधारी राम गोंझू , विनय चतुर्वेदी, सुदर्शन नायक
स्क्रिप्ट – प्रज्ञा माथुर एवं शुभांकन
प्रोडक्शन कनट्रोलर – ओज एक्सपोजर, रांची
प्रोडक्शन डिजाइन – शशिकला पौराणिक
शूटिंग सहयोग – राजकुमारी माधुरी मंजरी देवी, शशिकला पौराणिक, रोज़ उरावं, मयंक मिश्र, आलोक सत्यार्थी, विकास कुमार, मनपुरन नायक, रवि नायक, महावीर सिंह, गाजे नगरची, देवा
निर्माण, निर्देशन, पार्श्व स्वर एवं सम्पादन – डॉ. सुशील कुमार अंकन




