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मारवाड़ी कॉलेज रांची के रसायन विज्ञान विभाग में बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठक सम्पन्न

राची, झारखण्ड | जुलाई 07, 2024 ::

मारवाड़ी कॉलेज रांची के रसायन विज्ञान विभाग में विभागाध्यक्ष प्रोफेसर शुभंकर आइच की अध्यक्षता में आज बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठक हुई, सभी हितधारकों से सुझाव लेने के बाद सर्वसम्मति से एनईपी-2020 पर आधारित चार वर्षीये स्नातक पाठ्यक्रम और सीबीसीएस पैटर्न पर आधारित दो वर्षीये स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम को थोड़े-बहुत संशोधनो के बाद मंजूरी दे दी गई।

इस बैठक में मारवाड़ी महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. मनोज कुमार, रांची विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि के रूप में डॉ. स्मृति सिंह, डॉ. श्यमा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय से डॉ. अशोक आचार्य, बी.आई.टी. मेसरा से डॉ. सुभेंदु नस्कर, पूर्व छात्र श्री नवीन कुमार सिंह एवं महाविद्यालय के शिक्षक प्रो. शिवनंदन राम सम्मिलित हुए।

इस अवसर पर बोलते हुए डॉ. स्मृति सिंह ने कहा कि नई शिक्षा नीति आधारित यह चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम न सिर्फ लाचीला बल्कि बहुत ही संतुलित और अनूठा भी है, क्योंकि इससे छात्रों को न केवल विषय विशिष्ट ज्ञान मिलता है बल्कि व्यावसायिक अध्ययन का कौशल भी हासिल होता है। इसके अलावा छात्रों को भारतीय इतिहास, योग, खेल, मानवाधिकार और साथ साथ ढ़ेरों अन्य विषयों की भी जानकारी मिलती है।

डॉ. सुभेंदु नस्कर ने बी.आई.टी. मेसरा और मारवाड़ी महाविद्यालय के बीच एक एमओयू करने का प्रस्ताव रखा ताकि, स्नातक के सातवें और आठवें सेमेस्टर के छात्र के साथ-साथ स्नातकोत्तर के छात्र भी अपनी इंटर्नशिप और शोध कार्य के लिए बी.आई.टी. मेसरा का बार-बार भ्रमण कर लाभ उठा सके।

महाविद्यालय के पूर्ववर्ती छात्र श्री नवीन कुमार सिंह ने कहा की मुझे मारवाड़ी महाविद्यालय के छात्र होने पर गर्व है क्यू की रसायन शास्त्र विभाग के शिक्षकों द्वारा दिये गए उचित एवं कुशल मार्गदर्शन के कारण ही मेरा चयन झारखंड सरकार के +2 विद्यालय में पीजीटी शिक्षक के पद पर हो सका।

इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. मनोज कुमार ने महाविद्यालय के विकास संबंधित अपनी भविष्य की योजनाओं को साझा किया।

डॉ अशोक आचार्य ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद मारवाड़ी कॉलेज रांची निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है।

धन्यवाद ज्ञापन देते हुए विभागाध्यक्ष प्रो. शुभंकर आइच ने कहा कि मारवाड़ी महाविद्यालय जो भी प्रगति कर रहा है उसका श्रेय मुख्य रूप से महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. मनोज कुमार द्वारा दिए गए स्पष्ट दिशा निर्देशों और कुशल मार्ग दर्शन को जाता है। उनके कार्यकाल में शिक्षण हो या गैर-शिक्षण कर्मचारी, सभी अपनी भूमिका और जिम्मेदारी से भली- भाँति अवगत है और इसलिय महाविद्यालय का हरेक व्यक्ति महाविद्यालय के विकास के लिए लागतार प्रयासरत हैं।

 

 

 

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