
रांची, झारखण्ड | जनवरी | 01, 2020 :: दि रांची प्रेस क्लब की मैनेजमेंट कमिटी की 30 दिसंबर, 2019 को आयोजित बैठक में लिये गये निर्णय के अनुसार सत्र 2019-2021 के लिए आज दिनांक 1 जनवरी, 2020, दिन बुधवार को निर्वाचन कार्यक्रम की घोषणा की गई ।
कमिटी के आग्रह पर सेवानिवृत्त प्रधान जिला न्यायाधीश श्री ए.पी. वर्मा ने निर्वाचन पदाधिकारी के रूप में चुनावी प्रक्रिया संपन्न कराने की सहमति दी है।
निर्वाचन प्रक्रिया निम्नलिखित कार्यक्रम के अनुसार संपन्न करायी जायेगी-
• मतदाता सूची का प्रकाशनः1 जनवरी, 2020
• पूरक मतदाता सूची का प्रकाशनः12 जनवरी, 2020
(इस सूची में उन सदस्यों के नाम शामिल किये जायेंगे, जो क्लब की बकाया राशि का भुगतान 10 जनवरी, 2020 तक कर देंगे। बकायादार सदस्यों की सूची क्लब के सूचना पट्ट पर लगा दी गयी है।)
• नामांकन प्रपत्रों का भरा जानाः18 जनवरी से 21 जनवरी, 2020
(नामांकन प्रपत्र भरने के लिए समय का निर्धारण निर्वाचन पदाधिकारी के आदेशानुसार होगा)
• नामांकन प्रपत्रों की वापसी, जांच, उम्मीदवारों की सूची का प्रकाशनः 22 जनवरी, 2020
• वार्षिक आमसभाः 24 जनवरी, 2020
• मतदानः 25 जनवरी, 2020
• मतगणना एवं चुनाव परिणाम का प्रकाशनः 26-27 जनवरी, 2020
• चुनाव कुल पंद्रह पदों के लिए कराये जायेंगे। ये हैं- अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महासचिव, संयुक्त सचिव, कोषाध्यक्ष और मैनेजिंग कमिटी के 10 सदस्य।
• नामांकन शुल्क, नामांकन के नियमों, नामांकन प्रपत्र के प्रारूप आदि के बारे में सदस्यों को 16 जनवरी तक अवगत करा दिया जायेगा। आप सभी से आग्रह है कि सूचनाओं के लिए कृपया क्लब के ग्राउंड फ्लोर पर लगाया गया नोटिस बोर्ड जरूर देखें। प्रयास होगा कि संबंधित सूचनाएं क्लब की वेबसाइट पर भी उपलब्ध करायी जायें।
• नामांकन, नाम वापसी, स्क्रूटनी, मतदान, मतगणना के समय, मतदान केंद्र आदि का निर्धारण निर्वाचन पदाधिकारी परिस्थितियों और अपने विवेक के आधार पर करेंगे। ऐसी सूचनाएं सदस्यों को उचित माध्यमों से उपलब्ध करा दी जायेंगी।
• सभी सदस्यों से आग्रह है कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े नियमों से अवगत होने के लिए कृपया क्लब के बायलॉज का अध्ययन करें।
• चुनाव प्रचार के लिए पंफलेट, पर्चा, होर्डिंग का इस्तेमाल और मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए किसी तरह की सभा पूरी तरह प्रतिबंधित है।
• चुनावी प्रक्रिया संपन्न कराने के दौरान निर्वाचन पदाधिकारी को समय और परिस्थिति के अनुसार अपने न्यायिक विवेक के अनुसार नियमों, कार्यक्रमों में परिवर्तन करने का पूर्ण अधिकार होगा।




