राची, झारखण्ड | जून 30, 2024 ::
संत निरंकारी मंडल रांची जोन के अंतर्गत खूंटी के हुटार स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन में संयोजक स्तरीय निरंकारी महिला संत समागम का आयोजन 11:00 बजे से 2:00 बजे तक किया गया जिसमें निरंकारी बहन सुधा जी ने सद्गुरु के संदेश को सांझा करते हुए कहा की निरंकारी सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज की प्रेरणा से देशभर में महिला संत समागम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में संत निरंकारी मंडल रांची जोन के खूंटी ब्रांच में स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन में संजोयक लेवल महिला संत समागम का आयोजन किया गया। इस समागम में बहन सुधा जी ने सतगुरू माता सुदीक्षा जी महाराज का शुभ संदेश प्रदान किया। निरंकारी मिशन में महिलाओं के महान योगदान का जिक्र करते हुए बहन सुधा जी ने कहा कि मिशन के पूज्य जगत माता बुद्धवंती जी, निरंकारी राजमाता कुलवंत कौर जी, माता सविंदर हरदेव जी व वर्तमान में सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज का असाधारण योगदान महिला जगत का ही नहीं बल्कि पूरी मानव जाति का निरंतर मार्गदर्शन कर रहा है। बहन सुधा जी ने कहा कि यदि हर नारी स्वयं भी खुश रहना चाहती हैं और घर-परिवार को भी खुशहाल बनाना चाहती हैं तो समय के सतगुरू से प्राप्त ब्रह्मज्ञान द्वारा प्रभु परमात्मा को जानकर जीवन के असली मकसद को हासिल किया जा सकता है। इस प्रकार लाखों इंसानों का जीवन सफल हुआ है और उनके घर परिवारों में रोनकें आ गयी हैं।जिस घर में परिवार के सभी सदस्य मर्यादा में रहते हुए अपनी-अपनी जिम्मेवारियों को निभाते हैं वहां हर समय प्यार ही प्यार होता है व स्वर्ग का नक्शा बना रहता है तथा ऐसे घर-परिवार में शारीरिक, मानसिक व आर्थिक अर्थात हर तरह के सुख बरसते हैं । उन्होंने कहा कि निरंकारी सत्संग से सीख लेकर हजारों नारियों ने अपने घर परिवार की तस्वीर बदल दी है, वे सिर्फ प्रवचन सुनने तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि निरंकारी सतगुरु द्वारा प्रदान ’’ब्रह्मज्ञान’’ को अपने जीवन का हिस्सा बनाकर, अपने आचरण द्वारा प्रेम तथा शांति का माहौल देकर अपने ही घर को स्वर्ग बना दिया है।
मिशन के विचारधारा के बारे में संयोजक बहन श्रीमती चंपा भाटिया ने कहा कि कोई भी इंसान प्रभु का ज्ञान प्राप्त करके प्रभु की इच्छा के अनुरूप जीवन यापन कर सकता है। संसार की सारी जिम्मेदारियां को निभाते हुए भी वह कमल की भांति अनासक्त भाव से सहज अवस्था में जीवन जी सकता है। बहन चंपा भाटिया ने कार्यक्रम में आए हुए पूर्व वार्ड पार्षद फरीन शब्बा एवं ब्रह्मकुमारी बहन अंजिता जी का आभार प्रकट किया। कार्यक्रम के अंत में खूंटी के मुख महात्मा चक्रधारी सिंह बढईक ने सभी सहयोगियों, प्रतिभागियों एवं संपूर्ण साध संगत का आभार प्रकट किया। समागम समाप्ति को प्रात गुरु का अटूट लंगर वितरण किया गया।




