राची, झारखण्ड | अगस्त 21, 2024 ::
संविधान के अनुरूप कार्य करे न्यायपालिका संविधान में प्रदत्त अधिकारों को लागू करने में भूमिका अदा करे।
सीपीआई ने सड़क पर उतरकर भारत बंद का समर्थन किया पार्टी कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकालकर अल्बर्ट एक्का चौक पर प्रदर्शन किया।और एससी एसटी के द्वारा आहूत बंद में कदम से कदम मिलाकर समर्थन किया।
माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा दिनांक 01.08.2024 को अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जन जाति के आरक्षण में उप वर्गीकरण एवं क्रिमीलेयर लागू करने के लिए न्परित किया गया है। सम्मानित साथियों, यह निर्णय भारत के संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 16, 341 एवं 342 के विरूद्ध है। समाज व्यवस्था के कारण खण्ड-खण्ड में जाति के आधार पर तोडे गये लोगो को बाबा साहेब डॉ० अम्बेडकर के अथक संघर्षो से भारत के संविधान में SC तथा ST के नाम से दो अनुसूची में जोड़े गये लोगों को फिर से मनुवादी मानसिकता के तहत पुनः तोडने के नियत से यह दिया गया है। साथ ही साथ परम पूज्य बाबा साहेब डॉ० अम्बेडकर को अपमानीत करने के नियत से भी यह असंवैधानिक निर्णय सुनाया गया है। यह निर्णय समाज को कतई स्वीकार नहीं है। सीपीआई ने भारत बंद एवं शांतिपूर्ण आंदोलन के माध्यम से हम अपना रोष व्यक्त करते हैं।
मुख्य माँगें :-
1. सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिनांक 01.08.2024 को SC/ST आरक्षण के विरूद्ध दिए गए असंवैधानिक निर्णय को भारत सरकार
संसद में कानून बनाकर रद्द करे। 2. देश भर में भारत सरकार शीघ्र जातिगत जनगणना कराए।
3 सभी उच्च न्यायालय तथा उच्चतम न्यायालय में आजादी से लेकर अबतक SC/ST/OBC का प्रतिनिधित्व नगण्य या
शुन्य है। भारत सरकार अविलंब कोलेजियम सिस्टम समाप्त कर संघीय न्यायिक सेवा आयोग का गठन कर इसके अधीन 50 प्रतिशत आरक्षित पदों पर SC/ST/OBC का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करे।
4. SC/ST/OBC के लिए राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित आरक्षण प्रतिषत के अधीन लगभग एक तिहाई से ज्यादा खाली पडी रिक्तियों को अविलंब भर्ती करे। -:
मांगे पूरी नहीं होगी तब सड़क से संसद तक आंदोलन होगा




