गुजरात | नवम्बर | 26,2922 :: झारखंड कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष पूर्व शिक्षा मंत्री बंधु तिर्की गुजरात जाने के बाद अपने पुराने तेवर में नजर आ रहे हैं.
झारखंड में भी वह अपनी सक्रियता के लिए जाने जाते हैं लेकिन गुजरात पहुंचने के बाद वे लगातार चुनावी सभाओं को संबोधित कर कांग्रेस के पक्ष में माहौल बना रहे हैं.
कांग्रेस ने उन्हें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित 3 सीटों पर जिम्मेवारी सौंपी है. चुनाव प्रचार के दौरान नर्मदा वे नदी तट पर पहुंचे और वहां बसे आदिवासी समुदाय के बीच पारंपरिक वाद्य यंत्र बजाकर चुनावी प्रचार किया.
गुजरात विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सह कांग्रेस प्रत्याशी सुखराम भाई राठवा के पक्ष में पद्मनी गांव में उन्होंने जब चुनावी सभा को संबोधित किया तो हर तरफ तालियां बजने लगी.
अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सानखेड़ा विधानसभा अंतर्गत पहुंचकर उन्होंने खूब जोर शोर से प्रचार अभियान चलाया.
बंधु तिर्की ने बताया कि पार्टी ने जो जिम्मेवारी दी है उसको लेकर में गंभीर हूं. हर सीट पर जीत सुनिश्चित करने को लेकर सभी रणनीति तैयार की जा रही है.
हमारे सभी प्रत्याशी जीत हासिल करेंगे. पार्टी ने जो भरोसा जताया है उस पर खरा उतरने का पूरा प्रयास कर रहा हूं.
गुजरात विधानसभा चुनाव में अपनी ओर से संगठन को जो भी योगदान दे सकता हूं देने का प्रयास कर रहा हूं.
झारखंड से इतनी दूर आकर चुनाव प्रचार करना लोगों से संवाद स्थापित करना चुनौतीपूर्ण तो है लेकिन बावजूद इसके यह एक ऐसा अनुभव है जो हमें यह जानने और समझने में मदद करता है की अलग-अलग क्षेत्र के लोगों की जरूरतें और समस्याएं क्या है और उसके समाधान का रास्ता क्या हो सकता है.
गुजरात विधानसभा चुनाव में इस बार जनता परिवर्तन के मूड में है और पूरा माहौल कांग्रेस के पक्ष में है.
तमाम मतदाताओं में कांग्रेस को लेकर एक अलग तरीके की उत्सुकता है.
मतदाताओं के मन को टटोलने से साफ जाहिर हो रहा है कि कांग्रेस इस बार काफी मजबूती के साथ सामने आएगी और गुजरात में कांग्रेस की सरकार बनेगी.



