रांची, झारखण्ड | अक्टूबर | 21, 2022 :: आदिवासी समाज सरना धर्म रक्षा अभियान, राष्ट्रीय आदिवासी छात्र संघ, केंद्रीय सरना संघर्ष समिति एवं झारखंड आदिवासी संयुक्त मोर्चा का प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को झारखंड सरकार के कल्याण एवं जनजातीय मामलों के मंत्री श्री चंपई सोरेन से मिला। प्रतिनिधिमंडल में प्रसिद्ध शिक्षाविद् डॉ करमा उरांव, धर्मगुरु बंधन तिग्गा, शिवा कच्छप, रवि तिग्गा, निर्मल पहान, चंपा कुजुर, कमल किशोर लकड़ा, संदीप उरांव, शिव शंकर उरांव, शनि उराव, मंटू उरांव, सोनराज उरांव, भुनू तिर्की आदि शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंपा तथा भेंटवार्ता किया। स्मार पत्र में राज्य के विभिन्न जनजातीय शिक्षण संस्थान, छात्रावास, छात्रवृत्ति, और विभिन्न तरह के सरकार द्वारा प्रायोजित आर्थिक सहायता के साथ-साथ विशेषकर यूनिवर्सिटी पॉलिटेक्निक, बीआईटी मेसरा से संबंधित समस्याओं के मामले में वार्ता हुई। वार्ता के क्रम में यह भी बात चर्चा हुई कि सिरसी-ता धार्मिक स्थल जो गुमला जिला के डुमरी प्रखंड में अवस्थित है, उसके विकास हेतु आर्थिक सहायता दी जाए। मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में आश्वासन दिया कि मैं तीन फरवरी 2023 को सिरसी-ता नाला का दर्शन करने जाऊंगा और अपेक्षित आर्थिक सहायता आवंटित करूंगा। इसके साथ यह भी चर्चा हुई कि डेढ़ से 200 एकड़ जमीन जनजातीय सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित करने हेतु खोजा जाए। इस संबंध में मंत्री को सलाह दी गई कि मांडर प्रखंड के ब्राम्बे ग्राम अवस्थित केंद्रीय विश्वविद्यालय कैंपस उपयुक्त स्थल है, उसे चिन्हित किया जाए। मंत्री ने उक्त स्थल का परिदर्शन करने और मुख्यमंत्री को मसले पर सलाह देने की बात कही है ताकि राज्य सरकार सकारात्मक पहल कर सके।
कल्याण एवं जनजातीय मामलों के मंत्री श्री चंपई सोरेन ने कहा कि राज्य में जितने भी जनजातियों के लिए शिक्षण संस्थान हैं, छात्रावास हैं और अन्य प्रतिष्ठान हैं उसे दुरुस्त करने हेतु सरकार ने निर्णय ले चुका है और अब छात्रावास में रहने तथा भोजन इत्यादि की निशुल्क व्यवस्था की जाएगी।




