राची, झारखण्ड | दिसम्बर | 26, 2022 :: उत्सर्ग पत्रिका के विमोचन समारोह के असवर पर मुख्य अतिथि के रूप में नवीन जयसवाल मा. विधयक हटिया, अखिल भारतीय मंत्रा ब्रह्माजी राव, क्षेत्राय मंत्रा रामअवतार नारसरिया, प्रदेश सचिव अजय कुमार तिवारी, पत्रिका के संपादक एवं संपादक मंडल के करकमलों के द्वारा किया गया।
विषय प्रवेश कराते हुए पत्रिका के संपादक मनोज कुमार ने पत्रिका के कलेवर, पूरे प्रांत के छोटे-बड़े विद्यालय, सरस्वती संस्कार केन्द्र, सरस्वती शिक्षा केन्द्रों के छाया चित्रों/रचनाओं के प्रकाशन तथा अधिक से अधिक विद्यालयों का प्रतिनिधित्व हो इसका ध्यान रखा जाता है। बच्चों के स्वरचित रचना, विद्यालय के कार्यक्रमों का छायाचित्रा अथवा बच्चों द्वारा उकेरी गई चित्राकला को स्थान दिया जाता है।
उन्होंने कहा कि समिति से संब( विद्यालयों में पढ़ने वाले भैया-बहनों ;बालक-बालिकाद्ध में अंतर्निहित रचनात्मक प्रतिभाओं को विकसित करने तथा उनको साहित्य से जोड़े रखने की परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए ऐसे कलमकारों को समाज की महती आवश्यकता है। ‘‘उत्सर्ग’’ नामक वार्षिक पत्रिका का प्रकाशन प्रति वर्ष होता आ रहा है। पत्रिका लगभग 65,000 ;पैंसठ हजारद्ध छपती है तथा विद्यालयों में पढ़ने वाले भैया-बहनों के परिवार एवं समाज में जाती है। पत्रिका का कवर पृष्ठ पर अंकित चित्रा इस ओर इंगित कर रहा है कि पूरा देश इस वर्ष श्री अरविन्द के 150वें जयंती तथा अहोम साम्राज्य के सेनापति लाचित बरपुफकन की 400वीं जयंती मना रहा है।
मनोज ने कहा कि महामना मदनमोहन मालवीय एवं अटल बिहारी बाजपेयी जयंति के अवसर पर प्रकाशित यह पत्रिका बच्चों एवं पाठकों के बीच बहुत ही लोकप्रिय है। कोरोना काल में दो वर्ष पत्रिका छप नहीं सकी। 2022-23 का नया पुष्प भैया-बहनों को समर्पित है।
विद्या भारती के अखिल भारती मंत्रा ब्रह्माजी राव ने इस अवसर पर कहा कि – विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान विश्व का सबसे बड़ा गैर-सरकारी शैक्षिक संगठन के रूप में कार्यरत है। भारतीय जीवन दर्शन में व्यक्ति का सर्वांगीण विकास होता है। वर्तमान में अपने देश में मैकाले शिक्षा प्रणाली लागू है। राष्ट्रीय नई शिक्षा नीति से स्थिति बदलेगी। आने वाले आठ-दस वर्षों में इससे परिवर्तन दिखेगा। आयु में छोटा रहने पर भी बच्चे पत्रिका आदि के माध्यम से विकास करते हैं। नागरिकों को अपने इतिहास की जानकारी पत्रिका के माध्यम से होता है।
विद्या भारती के क्षेत्राय मंत्रा रामअवतार नारसरिया ने कहा कि पत्रिका का कवर पृष्ठ पर एक तरपफ महर्षि अरविन्द हैं तथा उसी पृष्ठ पर अहोम साम्राज्य के अपराजेय यो(ा लाचित बरपफुकर का चित्रा है तो दूसरी तरपफ हमारे प्रतिभावान भैया-बहनों का चित्रा। उत्सर्ग पत्रिका विद्या भारती का दर्पण है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू करने का जिम्मा विद्या भारती को दिया गया। किताबे मरती नहीं है कितनी भी डिजिटीलाईजेशन हो जाए पिफर भी पत्रिकाएँ रहेंगी ही।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हटिया विधन सभा के लोकप्रिय विधयक श्री नवीन जयसवाल जी ने कहा कि विद्या भारती बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ संस्कार भी दे रही है। देश 1947 में आजाद हुआ। मानसिक रूप से 75 साल बाद भी उन गुलामी के जंजिरों को हम तोड़ नहीं पाए हैं। यु( केवल तलवारों से नहीं होती है। आंदोलन, लेखन कार्य से भी होते हैं। अक्षर का ज्ञान ही शिक्षा नहीं है। इतिहास से सबक लेकर विद्या भारती शिक्षा देने का कार्य कर रही है। उन्होंने मातृभाषा में पढ़ाई पर जोर दिया जाए।
इस मौके पर विद्या भारती उत्तर-पूर्व क्षेत्रा के संगठन मंत्रा ख्यालीराम, प्रांत के प्रचार प्रमुख जितेन्द्र तिवारी एवं सोशल मिडिया प्रमुख अरविन्द कुमार पाण्डेय के साथ विद्या विकास समिति के समस्त कार्यकर्ता तथा समाज के प्रबु(जन उपस्थित थे। मंच संचालन गुमला विभाग से विभाग निरीक्षक एवं क्षेत्रा के प्रचार प्रमुख अखिलेश कुमार ने किया।
अंत में विद्या विकास समिति के प्रदेश सचिव अजय कुमार तिवारी ने ध्न्यवाद देते हुए कहा कि -पत्रिका विद्या विकास समिति का दर्पण है। सभी र्ध्मों के भैया-बहन हमारे विद्यालय में पढ़ते हैं। पत्रिका में छपे चित्रा एवं लेख इस बात का द्योतक है। संगठन की ओर से उन्होंने आगंतुकों तथा संपादक मंडल का ध्न्यवाद ज्ञापन किया।




