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21वीं सदी होगी भारत की सदी : प्रो. अभिराज राजेंद्र मिश्र 

राची, झारखण्ड  | अप्रैल |  27, 2025 ::

मारवाड़ी महाविद्यालय में 26 तथा 27 अप्रैल को आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार संपन्न हुआ। 27 अप्रैल को संपन्न हुए समापन समारोह में उपस्थित मुख्य अतिथि प्रो. अभिराज राजेंद्र मिश्र ने कहा कि आज पूरा विश्व भारत की तरफ आशा भरी नजरों से देख रहा है और भारत की ज्ञान प्रणाली और उसके क्रियान्वयन से यह बात पूर्णत: स्पष्ट हो गयी है कि 21 वीं सदी भारत की सदी होगी तथा भारत पूरी दुनिया का प्रतिनिधित्व करते हुए पुन: विश्वगुरू पद को अलंकृत करेगा। इस अवसर पर उपस्थित मारवाड़ी महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि ट्रेडीशनल इंडियन विजडम विषय पर हमारे महाविद्यालय में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन प्रतिभागियों के लिए अनुभव एवं प्रेरणा पुंज रहा। विगत तो दो वर्षों में हमारे महाविद्यालय के द्वारा दो अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिनके द्वारा सैकड़ों शिक्षकों, शोध-छात्रों तथा तथा छात्रों ने नई दृष्टि प्राप्त की। इस अवसर पर उपस्थित सभी सत्राध्यक्षों ने अपने-अपने सत्रों के दौरान प्रस्तुत किए गए शोधपत्रों की समीक्षा प्रस्तुत की। सम्मेलन की सचिव डॉ बसंती रेनू हेंब्रम ने संपूर्ण कार्यक्रम का विवरण प्रस्तुत किया। डॉ. खातिर हेंब्रम में मंच का संचालन तथा डॉ. निवेदिता पॉल ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।

सम्मेलन के दूसरे दिन के रविवार 27 अप्रैल को तीन सत्रों में कल 64 शोध पत्रों का वाचन किया गया, जिसमें सामाजिक विज्ञान के अंतर्गत 12, संस्कृत हिंदी के अंतर्गत 21 तथा जनजाति एवं क्षेत्रीय भाषा के अंतर्गत 31 पत्र शामिल थे। सामाजिक विज्ञान के अंतर्गत “ चैलेंज इन डेवलपमेंट एंड आई के एस: इंटीग्रेशन ऑफ आई. के.एस. इनटू कॉन्सेप्ट्स ऑफ सोशल एंड रियल साइंसेज एंड फिलोसॉफिकल एंडेवर” थीम पर डॉ ज्योति प्रकाश ने, संस्कृत तथा हिंदी के अंतर्गत “पारंपरिक भारतीय बुद्धिमत्ता और भाषिक वैविध्य, दर्शन, योग, विज्ञान, साहित्य एवं संस्कृति के समन्वित आयाम” थीम पर डॉ. धनंजय वासुदेव द्विवेदी ने तथा जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा के अंतर्गत “जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाएं : पारंपरिक ज्ञान साहित्य जीवन दर्शन और शिक्षा में राष्ट्रीय नीति 2020 के परिपेक्ष में उनकी भूमिका” थीम पर दो वृंदावन महतो तथा विनोद कुमार ने अध्यक्षता की। डॉ सीमा चौधरी, डॉ सरिता मेहता, डॉ. अवध बिहारी महतो, डॉ लता कुमारी, तथा श्री जुरा होरो ने रैपोटियर की भूमिका निभाई।

सम्मेलन के समापन समारोह में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। कार्यक्रम को स्वरूप प्रदान करने में आयोजन का समिति के अंतर्गत, आयोजन सचिव डॉ राहुल कुमार व डॉ बसंती रेनू हेंब्रम, संयुक्त सचिव डॉ निवेदिता पॉल व डॉ. खातिर हेंब्रम तथा ट्रेजरर श्री रोनाल्ड पंकज खलखो महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इस अवसर पर डॉ सुनीति नायक, डॉ उमेश कुमार, डॉ भारती द्विवेदी, डॉ अमित कुमार, डॉ. अनुभूति श्रीवास्तव, डॉ. राजू माझी, डॉ. जितेश पासवान, डॉ. कनक रागनी, शोधार्थी, प्रतिभागी तथा छात्र-छात्राएं उपस्थित थीं।

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