राची, झारखण्ड | दिसम्बर | 25, 2024 ::
11 वर्ष पूर्व प्रारंभ किए गए श्री माहेश्वरी सभा, रांची के सानिध्य में श्री अन्नपूर्णा सेवा के माध्यम से भोजन सेवा का यह कार्य 12 वे वर्ष में प्रवेश कर चुका है जिसकी 12 वी वर्षगांठ आज समाज के सम्मानित लोगो की उपस्तिथि में श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर के सभागार में दिन के 12:30 बजे मनाया गया।
वर्षगांठ की शुरुआत श्री गणेश पूजन, गणेश वंदना व दीप प्रज्वलित के साथ प्रारंभ हुआ ।
संयोजक मुकेश काबरा ने कहा कि 11 वर्ष पूर्व धरातल पर इस अन्नपूर्णा सेवा को 25 दिसंबर के दिन श्री माहेश्वरी सभा के सानिध्य में प्रारंभ किया गया था।
जो आज तक निवर्त पूर्ण गति से समाज के सहयोग से चल रहा है।
सभा का मूल उद्देश्य है कोई भी भूखा नहीं रहे ।
10 रुपये में 6 रोटी ,सब्जी, अचार, मिर्चा का वितरण अन्नपूर्णा सेवा के माध्यम से किया जाता है।
लेकिन इसके बावजूद भी अगर किन्हीं के पास पैसे नहीं होते हैं उन्हें भी नि शुल्क भोजन कराया जाता है। प्रथम कोरोना एवं द्वितीय कॅरोना काल में भी लोगों के घरों पर अन्नपूर्णा सेवा के माध्यम से भोजन का पैकेट बनाकर बांटा गया था।
साथ ही साथ अब तक 11 वर्ष में 16 लाख 78 हजार लोगों को अभी तक नियमित भोजन कराया गया है ।
इस कार्य में समाज के सभी वर्गों का पूर्ण सहयोग हमें प्राप्त हो रहा है यह सेवा का दीप आप महान लोगों के निर्मल हृदय से ही संपन्न हो रहा है और आगे भी होता रहेगा ।
इस अवसर पर अन्नपूर्णा सेवा में अपना सहयोग समर्पित कर रहे सेवादारी पुरुष एवं महिलाओं को भी अतिथियों के द्वारा सभा की ओर से जैकेट व कंबल का वितरण कर उन्हें भी सम्मानित किया गया ।
इस अवसर पर पूर्व राज्यसभा सांसद महेश पोद्दार, अजय मारू, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय , विधायक सी पी सिंह, गो सेवा आयोग के अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद ने भी अपने संबोधन में सेवा के अच्छे कार्य को किए जाने के लिए श्री माहेश्वरी सभा और अन्नपूर्णा सेवा से जुड़े सभी दाताओं को साधुवाद देते हुए ऐसे कार्यक्रम निरंतर किए जाने के लिए शुभकामनाएं प्रेषित की।
इस अवसर पर माहेश्वरी सभा के अध्यक्ष किशन कुमार साबू, सचिव नरेंद्र लखोटिया, कार्यक्रम संयोजक मुकेश काबरा, पूर्व राज्यसभा सांसद महेश पोद्दार ,अजय मारू, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय, विधायक सी पी सिंह, गो सेवा आयोग के अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद सहित काफी संख्या में समाज के अति विशिष्ट लोग, संस्थाओं के पदाधिकारी व समाज के लोग उपस्थित थे।




