राची, झारखण्ड | अक्टूबर 10, 2024 ::
नवरात्रि के 9 दिनों के दौरान माता के 9 रूपों को पूरे विधि विधान से पूजा की जाती है. यह 9 दिन बिल्कुल एक उत्सव की तरह होते है जिसमें अष्टमी और नवमीं को कन्या भोजन कराया जाता है. कन्या भोज भारतीय परंपरा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. कन्या भोजन में बच्चियों को हलवा पूड़ी खिलाया जाता है और माता को भोग लगाया जाता है.
खाना खिलाने के साथ कन्याओं को खुश करने के लिए कुछ भेंट इत्यादि देने की भी परंपरा है। ऐसा माना जाता है कि नवदुर्गा स्वरूप को प्रिय श्रृंगार का सामान जैसे चुनरी या चूड़ी वगैरह देना शुभ होता है।
माहेश्वरी महिला समिति रांची के सौजन्य से आज माहेश्वरी भवन में लगभग 65 कन्या रूपी देवी एवं 5 भैरो रूपी लड़के की पूजा की गयी | सभी कन्या के पैर धोकर आलता लगाकर रोली से तिलक कर मोली राखी बांध हलुया खिलाकर फ़ूड पैकेट, चॉकलेट, जूस, कॉपी, पेंसिल, पेन, कप केक, फ्रूट्स,रुपए दिया गया | सभी बच्चे बहुत खुश होकर सभी सदस्य को आशीर्वाद दिया* |
आज के इस कन्या पूजन में सभा अध्यक्ष किशन साबू, निवर्तमान अध्यक्ष शिवशंकर साबू, प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार मारू, महिला अध्यक्ष भारती चितलांगिया, सचिव बिमला फलोर, निवर्तमान अध्यक्ष विजयश्री साबू , उपाध्यक्ष अनीता साबू , कोषाध्यक्ष सरला चितलांगिया, कविता मंत्री,लक्ष्मी चितलांगिया, कुमुद लखोटिया, ममता डागा, सीमा मालपानी, विनीता बिहानी, नेहा साबू, आकांक्षा साबू, युवा संगठन सचिव हेमंत चितलांगिया उपस्थित रहे |




