राची, झारखण्ड | मार्च | 29, 2025 ::
टेढ़े मेढ़े पैर वाले नवजात बच्चों के उपचार पर कार्यशाला का आयोजन रांची सदर अस्पताल के ऑडिटोरियम (8 वें तल्ले )मे संपन्न हुआ।
इस कार्यशाला सह प्रशिक्षण शिविर का आयोजन क्योर इंटरनेशनल इंडिया ट्रस्ट एवं सी एम.पी.डी.आई.के सहयोग द्वारा आयोजित किया गया था। इस प्रशिक्षण शिविर मे झारखंड राज्य के सभी जिले के सरकारी अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉक्टरों ने भाग लिया।कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर कर किया गया।
इस कार्यक्रम की अध्यक्षता क्योर इंटरनेशनल इंडिया ट्रस्ट के निदेशक डॉक्टर संतोष जोर्ज ने किया।
मौके पर डॉक्टर बीरेंद्र सिंह नोडल पदाधिकारी, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन झारखंड, डॉ. मुजमिल फिरोज, डॉ.एस. अयान, डॉ.एन.डी.कच्छप, डॉ.विमलेश सिंह, छात्र क्लब चिकित्सक मंच(यूनिट,छात्र क्लब ग्रुप) के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव किशोर शर्मा, संरक्षक विजेता कुमारी,भगवा नारी सेना के अध्यक्ष पिया बर्मन, संरक्षक वीणाश्री अतिथि आदि अतिथि के रूप मे मौजूद थे।
इस कार्यशाला सह प्रशिक्षण शिविर को डॉक्टर विनोती सेठ प्रोफेसर एंड यूनिट हेड हड्डी रोग विभाग, एल.टी.एम.एम.सी.एंड जेनरल हॉस्पिटल सियोन, मुंबई एवं डॉक्टर कुमार शशिकांत, एसोसिएट प्रोफेसर पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, बिहार ने संबोधित किया।
प्रशिक्षण शिविर को संबोधित करते हुए डॉक्टर कुमार शशिकांत ने कहा जन्मजात टेढ़े मेढ़े पैर वाले बच्चों का इलाज बिना चीड़ फाड़ के संभव है।इसकी इलाज जितनी जल्द शुरू होगी उतनी ही जल्द ठीक हो जाता है।
इस कार्यशाला में दोनों डॉक्टरों द्वारा विकलांग बच्चों के डेमो एवं जीवंत दोनों रूप से प्रशिक्षण दिया गया।कुछ बाहर से आए विकलांग बच्चों के उपचार करके भी दिखलाया गया।
मौके पर कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे संस्था के निर्देशक डॉक्टर संतोष जॉर्ज ने कहां रांची रिम्स, सदर अस्पताल सहित पूरे भारतवर्ष में इसके क्लीनिक है बच्चों मे इस प्रकार की विकलांगता रहने पर रांची के निधि प्रिया (कॉर्डिनेटर)8800020517 पर संपर्क कर सकते हैं। यह इलाज बिल्कुल नि:शुल्क है।
आज के प्रशिक्षण शिविर को सफल बनाने में मुख्यरूप से नीरज कुमार, विनोद कुमार चौधरी, सुचिता लकड़ा, उषा कुमारी, मनीषा देवगम, बाहलेन तिर्की, माला पांडे आदि ने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।



