राची, झारखण्ड | जनवरी | 25, 2025 ::
सीबीएसई द्वारा आई.एस.टी.एम के सहयोग से दो दिवसीय ‘प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण(टीओटी)’ प्रमाणन कार्यक्रम विकास विद्यालय,राँची में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया
राँची, 25 जनवरी, 2025 –केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सी.बी.एस.ई) द्वारा सचिवालय प्रशिक्षण एवं प्रबंधन संस्थान (आई.एस.टी.एम) के सहयोग से आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण प्रमाणन पाठ्यक्रम (टी.ओ.टी) कार्यशाला आज विकास विद्यालय,राँची, में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनरस (टी.ओ.टी) कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को नई पद्धतियों एवं तकनीकों में प्रशिक्षित करना था। सीबीएसई द्वारा देशभर में 15,000 शिक्षकों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य है। 24 और 25 जनवरी को विकास विद्यालय,राँची में आयोजित एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रशिक्षण सत्र था और इस कार्यक्रम में सीबीएसई विद्यालयों के 84 अनुभवी शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
विकास विद्यालय,राँची में आयोजित कार्यक्रम के दौरान गहन प्रशिक्षण सत्र का नेतृत्व आई.एस.टी.एम के अनुभवी और निपुण प्रशिक्षकों द्वारा किया गया जिनमें बतौर रिसोर्स पर्सन भारत सरकार के डी.ओ.पी.टी के सचिवालय प्रशिक्षण एवं प्रबंधन संस्थान (आई.एस.टी.एम) के उप निदेशक. श्री पुष्पेंद्र कुमार शर्मा, चंडीगढ़ होटल प्रबंधन संस्थान, चंडीगढ़ के वरिष्ठ व्याख्याता (सेवानिवृत्त) श्री आशीष बोस, सी.ओ.ई (सीबीएसई) पटना अनुभाग अधिकारी. श्री राघवेंद्र कुमार एवं सहायक अनुभाग अधिकारी. श्री ज्योति प्रसाद जी ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम द्वारा प्रतिभागियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण, व्यावहारिक अंतर्दृष्टि और अत्याधुनिक शैक्षिक रणनीति प्रदान की, जिससे उनके संबंधित क्षेत्रों में वे रिसोर्स पर्सन के रूप में सेवा करने और देश भर में हजारों सीबीएसई शिक्षकों को आगे बढ़ाने की उनकी क्षमता को मजबूत करने के क्षेत्र में कार्य कर सकें एवं साथ ही यह सुनिश्चित किया गया कि इस पहल का लाभ देश भर के कक्षाओं तक पहुँचे।
इस सत्र के आरंभ में मनोज श्रीवास्तव,निदेशक प्रशिक्षण द्वारा भेजे गए उत्साहवर्धक संदेश को श्री राघवेंद्र कुमार, अनुभाग अधिकारी,सी.ओ.ई पटना (सीबीएसई) द्वारा पढ़कर किया गया।
सत्र में बोलते हुए प्रत्येक रिसोर्स पर्सन ने जोर देते हुए कहा कि, “शिक्षकों को उन्नत कौशल और ज्ञान के साथ सशक्त बनाना शिक्षा क्षेत्र में परिवर्तनकारी विकास को प्राप्त करने के लिए मौलिक आधार है। टी.ओ.टी कार्यक्रम शिक्षकों का एक जीवंत और संसाधन पूर्ण समुदाय बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”
सत्र के अंत में विद्यालय के प्राचार्य श्रीमान पी.एस.कालरा ने सभी रिसोर्स पर्सन तथा प्रत्याशियों के धैर्य की सराहना करते हुए कहा कि टी.ओ.टी कार्यक्रम का विकास विद्यालय,राँची में लिखा गया यह अध्याय एक मजबूत शैक्षिक ढांचे के निर्माण और निरंतर सीखने की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। यह कार्यक्रम प्रभावशाली बदलाव के लिए मंच तैयार करने का वादा करता है, जो शिक्षकों और छात्रों दोनों के लिए एक उज्जवल भविष्य की शुरुआत करता है।




