बजट के आइने में भविष्य के भारत का सुनहरा चेहरा दिखता है – महेश पोद्दार, पूर्व सांसद (राज्यसभा)
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वित्त मंत्री ने लगातार सातवीं बार बजट पेश करने का इतिहास रचा। बजट के माध्यम से वित्त मंत्री ने देश के प्रधान सेवक नरेंद्र मोदी के सपनों को पूरा करने का भरपूर प्रयास किया है। रोजगार को इस बजट में प्राथमिकता देने के साथ ही इस दिशा में और भी ठोस कदम उठाने की योजना का उल्लेख किया गया है। रोजगार और स्किलिंग दोनों को बार-बार साथ में दोहराया गया है। रोजगार को कृषि के बाद दूसरी प्राथमिकता दी गई है। प्रोविडेंड फंड स्कीम में अधिक लोग जुड रहे हैं, इसे सामाजिक सुरक्षा और नौकरी का प्रमाण मानते हुए डीबीटी द्वारा सभी को प्रोत्साहन देने की बात, बडे पैमाने पर आइटीआई, अप्रेंटीसशीप, शिक्षा ऋण इत्यादि बडी घोषणाएं बजट में समाहित की गई हैं।
बिहार, आंध्र प्रदेश के लिए कई बडी योजनाओं की घोषणा ने पूर्वोदय की घोषणाओं को ढंक सा दिया है। हालांकि जनजातीय समुदायों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान की शुरूआत से झारखण्ड के आदिवासी बहुल गांवों और आकांक्षी जिलों के आदिवासी परिवार के लोगों को लाभ मिलेगा। सरकार ने 5 करोड जनजातीय लोगों के लिए 63000 गांवों को कवर करने की प्रतिबद्धता का उल्लेख किया है।
बजट के माध्यम से 3 करोड लोगों के लिए आवास, फैक्ट्री कामगारों के लिए सस्ते भाडे में निवास की सुविधा अभूतपूर्व है। 11.11 लाख करोड (3.4 फीसदी जीडीपी का) इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च, निजी क्षेत्र की एटॉमिक उर्जा क्षेत्र में भागीदारी, बिहार, असम को बाढ़ के हर वर्ष कहर से मुक्ति दिलाने के प्रयास, जमीनों के रिकॉर्ड का डिजीटाइजेशन करने जैसी कई बातें हैं जो विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को लेकर बनाई गई हैं। बजट अभिभाषण के दौरान वित्त मंत्री जी का आत्मविश्वास झलक रहा था। बजट में प्रत्येक भारतीय के जीवन स्तर को अच्छा और सरल बनाने की ढेरों बातें बजट में कहीं गई हैं। बजट एक ऐसा आइना है जिसमें भविष्य की शक्ल दिखती है। आज हमने भारत का सुनहरा चेहरा देखा।
– महेश पोद्दार, पूर्व सांसद (राज्यसभा



