राँची, 21 अगस्त 2026। राँची विश्वविद्यालय के भौतिकी विभाग एवं झारखंड सरकार के विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार परिषद के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन आर्यभट्ट सभागार में हुआ। कुलपति प्रो. सरोज शर्मा ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में विज्ञान, अभियंत्रण और प्रौद्योगिकी परस्पर जुड़े रहे हैं। उन्होंने आर्यभट्ट, भास्कराचार्य तथा शून्य और दशमलव प्रणाली के योगदान का उल्लेख करते हुए शोधार्थियों से प्राचीन उपलब्धियों के आधार पर आधुनिक अनुसंधान को नई दिशा देने का आह्वान किया। मुख्य वक्ता प्रो. जी.पी. दास ने क्वांटम मैकेनिक्स, मटेरियल साइंस और क्वांटम कंप्यूटिंग को तकनीकी बदलाव का आधार बताया।




