विकसित भारत @ 2047 माननीय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी जी का 2047 में अपनी आजादी के 100वें वर्ष तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का दृष्टिकोण है। इस विचार के अंर्तगत युवाओं की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है जोकि भारत का सबसे बड़ा जनसांख्यिकीय समूह है। इस हेतु अपने विचार रखने के लिए इस प्रतियोगिता के माध्यम से एक मंच प्रदान किया गया है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं में महत्वकांशा, विकास और देशभक्ति की भावना को मजबूत करना तथा राष्ट्र निर्माण मे भागीदारी बढ़ाना है।
सर्वप्रथम इस प्रतियोगिता का आयोजन जिले स्तर पर किया गया। जिनमें लगभग 500 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इन प्रतिभागियों में से प्रत्येक जिलें से एक प्रतिभागी (कुल 24 प्रतिभागी) का चयन राज्य स्तरीय भाषण प्रतियोगिता के लिए किया गया। मेरा युवा भारत – विकसित भारत @ 2047 विषय पर राज्य स्तरीय भाषण प्रतियोगिता का आयोजन आज दिनांक 19.02.2024 को राँची विश्वविद्यालय के मास कम्युनिकेशन विभाग मे किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान तथा द्वीप प्रज्वलन के साथ की गयी। कार्यक्रम में निर्यणायक की भूमिका प्रोफेसर हीरानंदन प्रसाद (ऐसोसिएट प्रोफेसर एवं पूर्व प्रमुख, हिन्दी विभाग, राँची विश्वविद्यालय, राँची), प्रोफेसर आर. के. शर्मा (ऐसोसिएट प्रोफेसर, अंग्रेजी विभाग, राँची विश्वविद्यालय, राँची, झारखण्ड) तथा डॉ० जगदीश सौरभ (सहायक प्राध्यापक, हिन्दी विभाग, सेंट्रल यूनिवर्सिटी, राँची) ने निभाई। निर्णायक दल के सभी सदस्यों का स्वागत पुष्प गुच्छ प्रदान कर किया गया। तदुपरांत नेहरु युवा केन्द्र, राँची के उप निदेशक सर्वेंद्र प्रताप सिंह ने कार्यक्रम मे आये सभी लोगो का स्वागत किया एवं कार्यक्रम की रुपरेखा सबके सामने रखी। इसके बाद भाषण प्रतियोगिता का शुभारंभ हुआ। सभी प्रतिभागियों ने प्रतियोगिता के दौरान बढ-चढ कर अपने विचारों को सबके सामने रखा। सभी ने अपना बेहतर प्रदर्शन दिया।
भाषण प्रतियोगिता के संपन्न हो जाने के उपरांत समापन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। समापन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में प्रोफेसर (डॉ०) त्रिबेणी नाथ साहू (माननीय कुलपति, झारखण्ड स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी, राँची) तथा विशिष्ट अतिथि के रुप में डॉ० अजीत कुमार सिन्हा (माननीय कुलपति, राँची विश्वविद्यालय, राँची) उपस्थित रहें। इसके अतिरिक्त वी. पी. सिन्हा (निदेशक, मास कम्युनिकेशन विभाग, राँची विश्वविद्यालय) तथा ब्रजेश कुमार (राज्य समन्वयक, एन.एस.एस. झारखण्ड) उपस्थित रहे।

नेहरु युवा केन्द्र संगठन, झारखण्ड की राज्य निदेशक, श्रीमती हनी सिन्हा ने समापन कार्यक्रम में आये समस्त अतिथिगणों, निर्णायक दल के सभी सदस्यों तथा सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार प्रकट किया। उन्होने कहा की आप सभी प्रतिभागी एक जिलें मे से एक चुन कर आये है यह अपने आप में एक बडी उपलब्धी है। प्रतियोगिता में कोई स्थान पाने से ज्यादा महत्वपूर्ण है उसमे भाग लेना। मै राँची विश्वविद्यालय को सहयोग के लिए धन्यवाद देती हू।
ब्रजेश कुमार (राज्य समन्वयक, एन.एस.एस. झारखण्ड) ने इस कार्यक्रम की शुरुआत के लिए भारत के प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया। मै युवाओं से आग्रह करता हू कि को भारत को विकसित बनाने में अपना योगदान दे। तदुपरांत वी. पी. सिन्हा (निदेशक, मास कम्युनिकेशन विभाग, राँची विश्वविद्यालय) ने राज्य निदेशक, श्रीमती हनी सिन्हा के कार्यो की प्रशंसा की। उन्होने कहा कि हम युवा पीढी से बहुत कुछ सीख रहे है।
तदुपरांत माननीय कुलपति, राँची विश्वविद्यालय, राँची, डॉ० अजीत कुमार सिन्हा ने कहा की हमे विश्व गुरू बनने के लिए अपने आयात को कम करना होगा और निर्यात को बढाना होगा। हमे नौकरी लेने वाला नहीं देने वाला बनना है। आज के समय में स्टार्ट अप का बहुत महत्व है। आपको सोलर व ग्रीन हाइड्रोजन चेन बनानी है। इसके अतिरिक्त आज के युवा विभिन्न विषयों जैसे बायो गैस ब्लैंडिंग, क्लीन एयर मिशन, जल शक्ति, क्लीन नदी, नान फासिल ऊर्जा इत्यादि से जुड कर देश को विकसित बनाने में अपना योगदान दे सकते है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय कुलपति, झारखण्ड स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी, राँची, प्रोफेसर (डॉ०) त्रिबेणी नाथ साहू ने युवाओं के क्षेत्र तथा उनके विकास में नेहरु युवा केन्द्र संगठन की भूमिका की सराहना की। उन्होने कहा की आज के युवा कल के भविष्य है। युवाओं को अपना भविष्य बनाना चाहिए क्योकि इसी से भारत का आने वाला समय स्वर्णिम हो सकता है। पूरी दुनिया आज भारत की ओर देख रही है। हमें दुनिया की आकांशाओं को पूरा करना है।
इसके उपरांत विजेताओं की घोषणा की गयी।
प्रथम पुरस्कार वंशिका कुमारी (चाईबासा),
द्वितीय पुरस्कार नुपुर माला (हजारीबाग) तथा
तृतीय पुरस्कार स्वेता कुमारी (गिरीडीह) एवं दिक्षा कुमारी (खुंटी)
ने प्राप्त किया।
प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय पुरस्कार प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को क्रमश: Rs.1,00,000/-, Rs.50,000/- तथा Rs.25,000/- की नगद धनराशि प्रदान की गयी।
सभी प्रतिभागियों को प्रतिभागिता प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम का समापन ओम प्रकाश कुशवाहा ने धन्यवाद ज्ञापन से किया ।




