राची, झारखण्ड | दिसम्बर | 15, 2024 ::
राज्यभर के लाखों अभ्यर्थियों ने 21 और 22 सितंबर को हुए जेएसएससी सीजीएल के पेपर लीक का अंदेशा जताया है। अखिल झारखंड छात्र संघ अभ्यर्थियों की जायज मांग और कल होने वाले घेराव एवं धरने को नैतिक समर्थन देती है। सरकार इस मामले की सीबीआई से जांच करने की जगह सीआईडी से मामले की लीपापोती करने में लगी है। एक ओर जहां पर जेएसएससी सीजीएल मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है तब राज्य सरकार आनन फानन में रिजल्ट जारी कर दिया गया
उक्त बातें अखिल झारखंड छात्र संघ के प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा ने कही। जेएसएससी सीजीएल मामले की निष्पक्ष जांच सीबीआई से कराई जाय
उन्होंने कहा कि सरकार ने परीक्षा लेने के लिए दो दिनों तक इंटरनेट बंद किया था लेकिन फिर जेएसएससी कदाचार मुक्त परीक्षा कराने में विफल रही। इतने वर्षों के बाद इस साल जनवरी में यह परीक्षा ली गई लेकिन उस वक़्त पेपर लीक होने से यह परीक्षा स्थगित कर दी गई थी अब ऐसा प्रतीत होता है फिर उसी घटना की पूर्णावर्ती हुई है। जेएसएससी ने अपनी गलत कार्यशैली से न सिर्फ अभ्यार्थियों का बल्कि राज्य का भी भविष्य बर्बाद करने पर आमादा है। अभ्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करना बंद करे जेएसएससी। और राज्य सरकार इस पूरे मामले को सीबीआई से जांच कराई जाए। चुकीं एक और मुख्यमंत्री महोदय सीआईडी से जांच की बात कहते है और दूसरी और जेएसएससी इस पूरे प्रकरण को किसी भी तरह की अनियमितता और पेपर लीक से पूरी तरह इंकार करती है अभ्यर्थी सहित राज्य के छात्र युवा और इस पूरे प्रकरण में घोर अनियमितता बरतने और पेपर लीक की पूरी संभावना दिखाई पड़ रही है ।अतः आजसू मांग करती है कि इस पूरे प्रकरण को सीबीआई से जांच कराई जाए।




