रामगढ़। रामगढ़ कॉलेज में बहुविषयक शोध विमर्श की साप्ताहिक श्रृंखला ‘प्रमा’ की सातवीं कड़ी का शुभारंभ चतुर्थ समसत्र की छात्राओं संध्या कुमारी और मधु कुमारी के मंगलाचरण से हुआ। इतिहास विभाग की प्राध्यापिका रोज उराँव ने शोध कार्य में इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेजीकरण के महत्व पर उपयोगी प्रस्तुति दी। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में शोध सामग्री का बड़ा हिस्सा इलेक्ट्रॉनिक रूप में उपलब्ध है, इसलिए उसका व्यवस्थित, सुरक्षित और विश्वसनीय दस्तावेजीकरण शोध प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। उन्होंने डेटा बैकअप, फोल्डर प्रबंधन, संदर्भ सूची और डिजिटल सामग्री के संरक्षण से जुड़ी चुनौतियों पर भी प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में पहली बार स्नातकोत्तर छात्रा रीना कुमारी ने ‘ताना भगत आंदोलन : अहिंसा, सामाजिक सुधार और स्वतंत्रता संघर्ष’ विषय पर प्रस्तुति दी। उन्होंने जतरा भगत के नेतृत्व और आंदोलन के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित किया। उत्कृष्ट प्रस्तुति के लिए रोज उराँव और रीना कुमारी को प्राचार्य डॉ. बिमल कुमार मिश्रा ने प्रमाणपत्र प्रदान किए। संचालन डॉ. प्रीति कमल ने किया।




