राची, झारखण्ड | जुलाई 18, 2024 ::
संत जेवियर्स कॉलेज राँची के जीवविज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ भारती सिंह रायपत एवं डॉ मनोज कुमार के मार्गदर्शन में स्नातकोत्तर विभाग के सत्र 2021-2023 के छात्र देबासिश महतो एवं जॉन ओसगा ने तितलियों के सर्वे के दौरान रांची के टगोर हिल से तितली की दुर्लभ प्रजाति पोलियुरा अग्रारियस (Polyura agrarius) की खोज की है। इस खोज के शोधपत्र को Zoo’s प्रिंट वैज्ञानिक शोधपत्रिका ने अपने जुलाई अंक मे स्थान दिया है। पूर्व में प्राध्यापकों के मार्गदर्शन मे सत्र 2022-2024 की छात्रा दीपशिखा साहू ने भी तितलियों के सर्वे के दौरान झारखंड राज्य के गुमला के ढोडरी टोली क्षेत्र से दुर्लभ पापिलियो पोलिमेंस्टर प्रजाति के तितली की पहली बार खोज की। यह शोधपत्र मोर्फोलोजिकल विवरण के साथ ई॰जे॰पी॰एम॰आर नामक शोधपत्रिका के जून, 2024 अंक मे प्रकाशित हुआ था।
डॉ मनोज कुमार ने बताया कि दोनों ही दुर्लभ प्रजाति की तितलियों का झारखंड में मिलना महत्वपूर्ण खोज है, उन्होने बताया की पोलियुरा अग्रारियस (Polyura agrarius) प्रजाति भारत के पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, और मध्यप्रदेश आदि राज्यों में पाया जाता है, मगर रांची, झारखंड मे इस प्रजाति के मिलने का यह पहला मामला प्रकाश में आया है। वहीं अभी तक माना जाता था कि पापिलियो पोलिमेंस्टर (Papilio polymnestor) सिर्फ दक्षिण भारत और श्रीलंका मे पायी जाने वाली एक स्वाल्लोटेल प्रजाति की तितली है।
ज्ञात हो कि डॉ मनोज कुमार के मार्गदर्शन मे स्नातकोत्तर जीवविज्ञान विभाग के एंटोमोलोजी स्पेशलाइज़ेशन के विद्यार्थी निरंतर तितलियों के विविधता पर शोध कर रहे हैं। अभी तक उनके मार्गदर्शन में विभिन्न वैज्ञानिक शोध पत्रिकायों में एंटोमोलोजी स्पेशलाइज़ेशन के विद्यार्थियों के कई शोधपत्र प्रकाशित हो चुके हैं। विभागाध्यक्ष डॉ भारती सिंह रायपत ने बताया कि कॉलेज के प्राचार्य डॉ. फादर नबोर लकड़ा, एसजे, उप प्राचार्य डॉ फादर रोबर्ट प्रदीप कुजूर एसजे एवं डॉ फादर अजय मिंज एसजे के मार्गदर्शन मे कॉलेज प्रबंधन हमेशा शोध कार्यों को बढ़ावा देता रहा है, और यह दोनों प्रजातियों की खोज इसी समर्थन और मार्गदर्शन का नतीजा है। उन्होंने कहा की ये खोज और शोध प्रकाशन छात्रों के मेहनत और अथक प्रयास का नतीजा है।




