रांची, झारखण्ड | जुलाई | 29, 2021 ::
कलाकृति स्कूल ऑफ़ आर्ट्स एवं कलाकृति आर्ट फ़ाउंडेशन की ओर से विश्व टाइगर दिवस के अवसर पर घर बैठे चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया| इस अवसर पर संस्था के सैकड़ो बच्चों ने देश भर से अपने अपने घरों से बाघ से संबंधित पेंटिंग्स के माध्यम से बाघों को संरक्षण करने हेतु सन्देश दिया |
इस अवसर पर कलाकृति के निदेशक एवं चित्रकार धनंजय कुमार ने बच्चों को जूम एप्स के माध्यम से बच्चों को बताया की प्रत्येक वर्ष 29 जुलाई को विश्व टाइगर दिवस मनाया जाता है। भारत का यह राष्ट्रीय पशु भी है। इसे देश की शक्ति, शान, सतर्कता, बुद्धि और धीरज का प्रतीक माना जाता है। नवीनम बाघ गणना के अनुसार भारत में बाघ की संख्या 2967 है जो विश्व की संख्या का लगभग 70% केवल भारत में है। 2018 की बाघ गणना के बाद भारत में बाघों की संख्या पूरे विश्व में सबसे ज्यादा है। बाघ की गणना 2019 में जारी की गयी थी। अब तक के सबसे बड़े बाघ गणना के रुप में भारत ने में गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराया है। टाइगर के बारे में जागरुकता फैलाने के लिए इस दिवस को को मनाया जाता है। पूरे विश्व में 3900 टाइगर कुल बचे है, जिनमें से 2967 टाइगर भारत में है। इसी को देखते हुआ विश्व में टाइगर दिवस मनाया जा रहा है। इस अवसर पर कलाकृति के रजनी कुमारी, आयेशा अहमद , आरती, कोमल, शिखा, रिंकी, शीतल, हर्ष , हर्षिता एवं अन्य शिक्षक एवं छात्रों का सहयोग रहा l




