राची, झारखण्ड | सितम्बर 10, 2024 ::
राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा के द्वारा चलाए जा रहा चरणबद्ध आंदोलन के क्रम में राजभवन के समीप ओबीसी का आरक्षण 14% से बढ़कर 50% कर 9वीं अनुसूची में डालने, ओबीसी स्वतंत्र मंत्रालय का गठन करने, जातीय जनगणना करवाने, राज्य के सात जिले में जहां आरक्षण शून्य कर दिया गया है वहां आरक्षण देने सहित सात सूत्री मांगों को लेकर एक दिवसीय महा धरना दिया।
धरना में राज्य के प्रत्येक जिलों से ओबीसी के पदाधिकारी समर्थक, बुद्धिजीवी,छात्र नौजवान सहित सैकड़ो की संख्या में लोग शामिल हुए।
प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार गुप्ता ने कहा बाबूलाल मरांडी ने सात जिले में ओबीसी का आरक्षण शून्य कर दिया था, जो आज तक वैसा ही है।
श्री गुप्ता ने आगे कहा कि ओबीसी समुदाय को सशक्त करने के लिए केंद्र और राज्य में अलग से एक ओबीसी स्वतंत्र मंत्रालय का गठन किया जाना अत्यंत आवश्यक है।
राष्ट्रीय जन स्वराज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बिरेंद्र जायसवाल ने कहा की जातीय जनगणना हो, अनुसूची जाए। और ओबीसी आरक्षण को 9वी अनुसूची में डाली जाए।
अजय मेहता ने कहा कि सात जिले में जो ओबीसी आरक्षण शून्य है वहां जनसंख्या अनुपात में आरक्षण मिले।
राष्ट्रीय ओबीसी अधिकारी कर्मचारी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष लाल बिहारी यादव ने कहा कि ओबीसी का प्रमोशन में रिजर्वेशन मिलनी चाहिए तभी ओबीसी अधिकारी उच्च ओहदे पर पहुंच सकते है।
वरिष्ठ नेता ओबीसी नेता अशर्फी चंद्रवंशी ने कहा कि ओबीसी में लागू 50% आरक्षण की सीमा हटाया जाना चाहिए।
राष्ट्रीय ओबीसी छात्र मोर्चा संयोजक कमलेश चौधरी ने कहा कि कहां की सर्वोच्च न्यायालय के कारण ही ओबीसी का आरक्षण कम मिल रहा है।
जयराम ठाकुर ने कहा की अगर ओबीसी का आरक्षण नहीं बढ़ाया जाता है तो झारखंड में उलगुलान होगा और जो पार्टी नहीं देगा उसका विरोध किया जाएगा
मौके पर मोर्चा के सलाहकार सुनील जायसवाल, प्रमोद कुमार शंकर विश्वकर्मा सुरेश ठाकुर, बसंत नारायण मेहता, लोकनाथ महतो, भुनेश्वर मेहता, शुभम गुप्ता, प्रदीप गुप्ता, सुग्रीव यादव प्रमोद कुमार, सुरेंद्र राय, शिव जन्म सिंह, अनीता देवी, भगवानी देवी, लवली देवी, अमित कुमार सहित काफी संख्या में मोर्चा के पदाधिकारी कार्यकर्ता उपस्थित थे।



