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“सांकेतिक भाषा के माध्यम से विशेष विद्यार्थियों (श्रवण एवं वाक्बाधित) को शिक्षित करना” विषय पर व्याख्यान

राची, झारखण्ड  | मई |  31, 2025 ::

संत जेवियर्स कॉलेज, राँची के शिक्षा विभाग ने क्षितीश मूक-बधिर विद्यालय, निवारणपुर, राँची के साथ 29 मई 2025 को एक महत्वपूर्ण समझौते (MOU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके पश्चात दिनांक 31 मई 2025 को “सांकेतिक भाषा के माध्यम से विशेष विद्यार्थियों (श्रवण एवं वाक्बाधित) को शिक्षित करना” विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया|

कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत भाषण, दीप प्रज्ज्वलन, और अतिथियों का अभिनंदन के साथ हुआ। प्रोफेसर पंकज कुमार ने मुख्य अतिथियों का परिचय कराया। विभागाध्यक्ष डॉ. फ्लोरेंस पूर्ती ने अपने स्वागत भाषण में सभी का अभिवादन किया।

इसके बाद क्षितीश मूक-बधिर विद्यालय, निवारणपुर, राँची के प्रधानाचार्य, अनिल कुमार लाल ने अपने व्याख्यान में बताया कि राष्ट्र स्तर पर विकलांग के इक्कीस प्रकारों को चार वर्ग समूहों में बांटा गया है और इसका विस्तार से वर्णन किया। इसके बाद उन्होंने सांकेतिक भाषा के उद्भव, अर्थ एवं प्रकारों का विस्तारपूर्वक चर्चा की।

इसके बाद द्वितीय व्याख्यान सत्र में क्षितीश मूक-बधिर विद्यालय, वरिष्ठ शिक्षक रविशंकर झा ने मूकबधिर बालकों के संप्रेषण के लिए प्रयुक्त सांकेतिक भाषा का व्यवहारिक अनुप्रयोग कर आज के व्याख्यान को सार्थक एवं विशेष बनाया।

इस कार्यक्रम के माध्यम से भावी प्रशिक्षु शिक्षकों ने सांकेतिक भाषा के विभिन्न आयामों को व्यवहारिक रूप से देखा और सीखा, जिससे वे भविष्य में समावेशी विद्यालयों में एक आदर्श एवं उपयुक्त दक्ष शिक्षक के रूप में सेवा प्रदान कर सकेंगे।

कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के डॉ. अनुपमाभार्गव, डॉ. निलीमा ज्योत्सना टोप्पो, डॉ. नंदिता पाण्डे, डॉ. सुधांशु सिरिल कुजूर, सुधा रानी खलखो, पंकज कुमार, जगबन्धु महतो, डॉ. विक्रम बहादुर नाग, कविता तोपनो, रूमा भट्टाचार्य व शिल्पा किंडो उपस्थित रहे|

 

कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन और राष्ट्रगान के साथ किया गया। यह आयोजन शिक्षा में समावेशन के प्रति जागरूकता फैलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।

 

 

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