रांची। आजादी की 80वीं वर्षगांठ एवं कलाकृति स्कूल ऑफ आर्ट्स के स्थापना के रजत जयंती वर्ष (2001–2026) के उपलक्ष्य में कलाकृति स्कूल ऑफ आर्ट्स, डोरंडा केंद्र एवं कलाकृति आर्ट फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में “स्वतंत्रता पर्व” का भव्य आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में समाजसेवी रमेश सिंह, जबकि विशिष्ट अतिथियों के रूप में श्रीमती मोनिका डे एवं श्रीमती मीनू चौधरी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का संचालन हर्षिता ने किया।
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षणों में देशभक्ति एवं स्वतंत्रता सेनानियों के जीवन पर आधारित 200 से अधिक चित्रों की प्रदर्शनी रही। विद्यार्थियों द्वारा बनाई गई इन कलाकृतियों में देशप्रेम, स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्र के प्रति सम्मान की भावनाओं को कलात्मक रूप से प्रस्तुत किया गया।
इस अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में बच्चों ने नृत्य, संगीत, फैंसी ड्रेस एवं वाद्य यंत्र वादन की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। विवान, अनुबा, गरिमा, अद्विका सहित अन्य विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीतों पर शानदार नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया। फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता में बच्चों ने भगत सिंह, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, झांसी की रानी सहित विभिन्न स्वतंत्रता सेनानियों का रूप धारण कर देशभक्ति की भावना को जीवंत किया।
कार्यक्रम में अभिभावकों के लिए भी तिरंगा थीम ड्रेस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं एवं प्रतिभागियों को संस्था की ओर से पुरस्कृत किया गया।
मुख्य अतिथि श्री रमेश सिंह ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन बच्चों में देशप्रेम, अनुशासन एवं चरित्र निर्माण की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि कला और सांस्कृतिक गतिविधियां बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रेरणादायक होती हैं।
इस अवसर पर संस्था के निदेशक एवं कला शिक्षक श्री धनंजय कुमार ने विद्यार्थियों को एकता, शांति और आपसी सद्भाव के साथ रहने का संदेश दिया। उन्होंने सभी से “हर घर तिरंगा” अभियान को सफल बनाने तथा राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को समझने का आग्रह किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्था की उपनिदेशिका श्रीमती रजनी कुमारी, अजय, कोमल, शिखा, हर्षिता, तन्वी, अर्चना, जया, निजात, अनिया, मनस्वी, अमीषा, रिंकी, प्रियम सहित सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
गौरतलब है कि कलाकृति स्कूल ऑफ आर्ट्स, डोरंडा एवं हटिया विगत 25 वर्षों से विभिन्न आयु वर्ग के छात्र-छात्राओं को चित्रकला एवं ललित कला की शिक्षा प्रदान कर रहा है। संस्था द्वारा बच्चों में कला के साथ-साथ रचनात्मकता, आत्मविश्वास एवं सांस्कृतिक मूल्यों को विकसित करने पर विशेष जोर दिया जाता है। इच्छुक छात्र-छात्राएं किसी भी समय संस्था में प्रवेश ले सकते हैं।




