राची, झारखण्ड | अक्टूबर 26, 2024 ::
एफएमसीजी ट्रेडर्स की संस्था झारखण्ड कंज्यूमर प्रोडक्ट डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन (जेसिपीड़ीए) ने वित्त मंत्रालय से ई कॉमर्स कंपनियों की मनमानी पर नियंत्रण बनाने की अपील करते हुए कहा कि त्योहारी सीजन की सेल के जरिए सरकार को ये कंपनियां जीएसटी का नुकसान करा रही हैं। जैसीपीडीए के अध्यक्ष संजय अखौरी ने कहा कि ई कॉमर्स वेबसाइट पर ‘फेस्टिवल सेल’ शुरू हो गई है, जो सरकार की प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) नीति का उल्लंघन है। यदि कोई व्यापारी अपने व्यवसाय के दौरान थोड़ी सी भी गलती करता है, तो उस पर कार्रवाई की जाती है लेकिन ये ई कॉमर्स कंपनियां जो केवल बी 2 बी गतिविधियों के लिए अधिकृत हैं वे बी 2 सी सीधे बिक्री कर रही हैं जिसपर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। यह भी कहा की ऑनलाइन सामान की खरीदी और उपभोक्ताओं तक पहुंचनेवाले उत्पादों में काफी भिन्नता होती है। त्योहारी सीजन में ऐसी शिकायतें बढ़ी हैं।
जैसीपीडीए ने शहरवासियों से इस त्यौहार लोकल दुकानों से खरीदी करने की अपील की। यह कहा कि दिवाली हमारा त्यौहार है, अमेजन का नहीं। धनतेरस, दिवाली देश भर के व्यापारियों के लिए महत्वपूर्ण दिन है। शहरवासी अपने जरुरत के वस्तुओं की खरीदी लोकल दुकान से करें और उन्हे प्रोत्साहन करें। इससे अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी और जरूरतमंदों को रोजगार उपलब्ध होगा। इससे स्वरोजगार के क्षेत्र में लगी महिलाओं को भी संरक्षण मिलेगा।
जैसीपीडीए ने फेस्टिवल सेल की अवधि के दौरान उन वस्तुओं की बिक्री की ओर ध्यान आकर्षित किया जहां सामान की बहुत अधिक बिक्री हो रही है और जिन पर 10 से 80 प्रतिशत की बड़ी छूट देकर वास्तविक मूल्य से कम कीमत पर सामान बेचा जा रहा है और उसी पर जीएसटी लिया जा रहा है। इससे सरकार को जीएसटी राजस्व का बड़ा नुकसान हो रहा है। जैसीपीडीए ने वित्त मंत्रालय से इन कंपनियों के व्यापार मॉडल की जांच कराने का आग्रह किया।




