राची, झारखण्ड | सितम्बर 29, 2024 ::
संत निरंकारी मिशन बुध विहार अरगोड़ा में इंग्लिश मीडियम समागम संपन्न हुआ जिसमें कोलकाता से आए प्रचारक महात्मा मदन मोहन शर्मा ने आधात्मिक प्रवचन में कहा कि इंसान जाती पाती के तमाम बन्धनों में जकड़ा हुआ है। अगर ब्रह्मज्ञान की प्राप्ति करले तो इन बंधनो से मुक्ति पा जाता है। सही मायने में वही मुक्ति का अधिकारी होता है। महात्मा मदन मोहन शर्मा कहा कि जैसे जब बच्चा छोटा होता है उस समय उसके मन मे किसी प्रकार का भेदभाव किसी के प्रति नही होता है जैसे जैसे उम्र बढ़ती है समाज उसे अनेक प्रकार के बंधनों में बांध देता है। महात्मा मदन मोहन शर्मा ने कहा कि आजकल लोग मोबाइल को ज्यादा महत्व दे रहे हैं सोशल मीडिया में ज्यादा दिल दिमाग लगा रहे हैं जबकि अपने लोगों के लिए परमात्मा ईश्वर की भक्ति के लिए समय कम निकल पा रहे हैं जिसके कारण मनों में भेदभाव वाली भावना उत्पन्न हो रही है महात्मा ने आगे फरमाया की उसी समय यदि उसे ब्रह्मज्ञान हो जाय तो वह जात पात के बन्धनों से ऊपर उठ कर एक सच्चा इंसान बन जाता है इस प्रकार ब्रह्मज्ञान ही एक मात्र मुक्ति माध्यम है महात्मा ने सद्गुरु के संदेश को सांझा करते हुए कहा कि ने कहा कि जैसी दृष्टि वैसी सृष्टि।
नजर बदले नजारे बदल जाते है इंसान की सोच बदलने से समाज मे सुंदरता स्वतः आ जाती है। इस समागम में रांची एवं उसके आसपास के क्षेत्रों खूंटी टाटा रामगढ़ बुंडू खिलाड़ी डाल्टनगंज कई स्थानों से भारी संख्या में सभी संतों ने हिस्सा लेकर सद्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के द्वारा बताएं पवन उपदेशों द्वारा स्वयं को निहाल किया अंग्रेजी जोनल समागम में से बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त एवं प्रभु प्रेमी पहुंंचे। इस दौरान सभी ने अपनी भावनाओं को भजनों, विचारों व कविताओं के माध्यम से साथ संगत के समक्ष व्यक्त किया। समागम के उपरांत लंगर प्रसाद का अटूट वितरण किया गया




