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मारवाड़ी कॉलेज के बॉटनी और बायोटेक्नोलॉजी छात्रों ने किया शैक्षिक भ्रमण

राची, झारखण्ड  | जुलाई  21, 2024 ::

मारवाड़ी कॉलेज के वनस्पति विज्ञान के विभागाध्यक्ष और बायोटेक्नोलॉजी के कोऑर्डिनेटर डॉ राजीव की अध्यक्षा में कराई गई शैक्षिक भ्रमण| जिस्मे बॉटनी और बायोटेक्नोलॉजी विभाग के 100 से अधिक छात्र -छात्राएं ने भाग लिया | शैक्षिक भ्रमण के दौरान छात्र -छात्राएं विभिन्न प्रकार के पौधे और उनके कृषि के बारे में जानने का अवसर मिला जिनसे ड्रैगन फ्रूट, मशरूम की खेती, विभिन्न आम और अमरूद, ग्रीन हाउस विवरण, ड्रिप सिंचाई, स्प्रिंकलर सिंचाई आदि के बारे में जाने का मौका मिला | शैक्षिक भ्रमण मैं उपस्थित शिक्षण संकाय से डॉ पिंकी राज साहू, सृष्टि कुमारी, रवि कुमार साहू, सुश्री पियाली और प्लेसमेंट सेल प्रमुख श्री अनुभव चक्रवर्ती मार्गदर्शन में हुआ |

एम.ए.एस.एस अंगारा के हेड डॉ. विजय भगत ने छात्रों को सम्बोधित किया | पौधे और वृक्षारोपण के विषय पर बहुत सारी बातों पर चर्चा हुई | यात्रा के दौरान मछली पालन, विशेष मौसम की स्थिति में सेब का उत्पादन, आम का उत्पादन, ड्रिप सिंचाई के साथ टमाटर का उत्पादन, इलाहाबाद के अमरूद की उत्पादन आदि को संबोधित किया गया| डॉ. विजय भगत ने एम.ए.एस.एस इंस्टीट्यूट में होने वाले 45 दिन के निशुल्क प्रशिक्षण कोर्स के बारे में बताया गया कि रोपण, पौध तकनीक, उत्पादन, लागत आदि से संबंधित जानकारी दी गई | प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के 45 दिन सभी छात्रों को प्रस्तुत करना महत्वपूर्ण है | प्रशिक्षण पाठ्यक्रम होने के बाद उनके शिक्षण संकाय आपको अपनी खुद की उद्यमिता और उत्पादन इकाई के लिए निवेश मार्गदर्शन किया जाएगा| बैंक के ऋण के लिए आवेदन करना और बिना किसी संपार्श्विक के ऋण दिलाना| 1 छात्र को 20 लाख तक का लोन मिलता है और अगर ग्रुप में कर रहे हैं तो 5 लोगों के ग्रुप को 1 करोड़ तक लोन की व्यवस्था कर दी जाएगी | लड़कियों के लिए लोन की सब्सिडी दर 44% और लड़कों के लिए 37% बैंक के तरफ से मिलते हैं|
वनस्पति विभाग और बायोटेक्नोलॉजी विभाग के पास आउट इच्छुक विद्यार्थी प्रशिक्षण कोर्स के संबंध में और अधिक जानकारी के लिए आप अपने-अपने विभागाध्यक्ष से बात कर सकते है और अपना अपना बायोडाटा 30 अगस्त तक डॉ पिंकी राज साहू के पास जमा करवा सकते हैं|

इस अवसर पर प्राचार्य डॉ मनोज कुमार ने कहा “इन यात्राओं का उद्देश्य दृष्टिकोण को आकार देना, आकांक्षाओं को बढ़ाना और अनुकूलनशीलता को बढ़ावा देना है। हमें विद्यार्थियों को ना केवल शिक्षित बनाना है बाल्की इच्छुक छात्रों को एक आत्मनिर्भर उद्यमी बनाने में अपनी सकारातमक भूमिका निभाना है।”

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