देवनद दामोदर महोत्सव विकास मेला में मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा
“झारखंड मोमेन्टम से शुरू हो गया 700 करोड़ के निवेश का काम
हर साल गंगा दशहरा को नदी संरक्षण दिवस के रूप में मनाएगी राज्य सरकार
राज्य के नए कपड़ा उद्योग में दिखेंगी लोहरदगा की 600 लड़कियां
महिलाओं की आर्थिक मजबूती के लिए 32 हजार गावों में होंगी सखी उद्यमी”
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लोहरदगा, झारखण्ड । जून | 04, 2017 :: राज्य के भटके युवक-युवतियां मुख्य धारा से जुडें और विकास कार्यों में सहभागी बनें। उक्त बातें मुख्यमंत्री रघुवर दास ने रविवार को कुड़ू प्रखंड के सलगी गांव में आयोजित देवनद दामोदर महोत्सव 2017 सह विकास मेला उद्घाटन के पश्चात बतौर मुख्य अतिथि कही। उन्होंने कहा लोहरदगा में विकास कार्य बेहतर और तीब्र गति से हो रहा है। पेशरार के चहुंमुखी विकास शुरू हो गया है। हर गांव का विकास हो इस सोच के साथ सरकार काम कर रही है। हमारे बच्चे सात-आठ हजार रुपये की नौकरी के लिये परदेश नहीं जाएंगे, इस सोच के साथ हमने झारखंड मोमेन्टम के तहत निवेशकों को यहां आमंत्रित किया था। जिससे 700 करोड़ के निवेश कर काम शुरू हो चुका है। राज्य के नए कपड़ा उद्योग में लोहरदगा की 600 लड़कियां काम करती दिखेंगी। मुख्यमंत्री श्री रघुवर ने कहा सर्वे में बच्चों का नाम दर्ज कराएं, इन्हें सरकार उनकी काबिलियत के मुताबिक स्थानीय रोजगार देगी। 32 हजार गांव में उद्यमी सखी बनेंगी, यह महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने का प्रयास होगा। कोई भी महिला एक दिन में कम से कम 300 रुपये घर बैठे कमा सकती हैं। टेंडर से कम्बल-चादर खरीद बन्द होगी। महिलाओं द्वारा निर्मित सामग्री सरकार खरीदेगी। उन्होंने कहा झारखण्ड अलग राज्य होने के साथ लोगों की विकास की अपेक्षाएं रही हैं। सलगी पंचायत को सरकार आदर्श बनाएगी। गंगा दशहरा को नदी संरक्षण दिवस के रूप में राज्य सरकार मनाएगी। न गन्दगी करूँगा न गन्दगी करने दूंगा की शपथ लें। झारखण्ड अमीर राज्य है, इसकी गोद में गरीबी पलती है। सीएम ने कहा कि मुझे जानकारी नहीं थी कि सरयू राय राजनीतिक व्यक्ति होने के साथ साथ पर्यावरणविद हैं। लोगों को जागरूक कर रहे हैं। इनकी टीम में पर्यावरण को बचाने वाले जानकर, सक्षम और निष्ठावान लोग हैं। आज स्वच्छ जल, हवा और पर्यावरण के बिना हम नही रह सकते। पूरी दुनिया मे जलवायु परिवर्तन के कारण प्रकृति का व्यवहार बदल रहा है। भारत की संस्कृति ही पर्यावरण के साथ चलने की है। अमेरिका जैसे देश ने पेरिस अकॉर्ड से खुद को अलग कर लिया। झारखण्ड सरकार ट्रम्प का विरोध करती है। प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षित उपयोग करें। आनेवाली पीढ़ियों के लिए एक सेहतमंद धरती छोड़कर हम जाएं। सरकार पर्यावरण को बचाते हुए विकास की पक्षधर है। आज नदियों और जलस्रोतों में जहर फैल रहा है। नदियां अतिक्रमण के कारण नाले बन रहे हैं । केंद्र सरकार निर्मल गंगा बनाने की कोशिश कर रही है। हम भी साहबगंज में सहयोग कर रहे हैं। कोल इंडिया और बोकारो स्टील द्वारा नदी में जो प्रदूषण अब भी किया जा रहा है, उसे बन्द कराया जाएगा। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट सरकार लगवाएगी। पर्यावरण की चिंता सरकार के साथ आम जनता को भी करने की जरूरत है। जंगल की अवैध कटाई न हो। इतने सुंदर झरने और वादियाँ हैं, इन्हें विकसित करने का काम तेजी पर है। तीन-चार साल में गरीबी मिटाने का लक्ष्य है। बेटे और बेटी की शिक्षा में फर्क न करें। बेटी की पढ़ाई को लेकर समस्या हो तो 181 पर समस्या बताएँ। कम उम्र में बेटियों की शादी न करें। डायन-बिसाही अंधविश्वाश के कारण और कुछ लोग जमीन हथियाने के लिये निर्दोष महिलाओं की हत्या हो रही है। समाज जागरूक होकर इसे रोके। दिलीप साहू और अनिता देवी ने आवेदन दिया था बेटी सृष्टि शक्तिरुपा 9.8 सीजीपीए हासिल की है। मगर आगे की पढ़ाई के लिए साधन नहीं है। सीएम में मौके पर ही दो लाख रुपये देने की घोषणा की। कल इसे चेक मिल जाएगा। सृष्टि आइएएस बनना चाहती है। पूरा झारखण्ड स्वच्छ विकास करेगा। राज्य की नदियों का 70 फीसदी पानी माँ गंगा में मिलता है। गंगा दशहरा के दिन नदियों के प्रति सम्मान और इन्हें स्वच्छ रखने का काम करें।

29.49 करोड़ की ऋण एवं परिसंपत्ति वितरित
देवनद दामोदार महोत्सव 2017 के मौके पर विभिन्न विकास से संबंधित विभागों द्वारा 792 लाभुकों के बीच 195.87 लाख के ऋण एवं परिसंपत्ति का वितरण किया गया। जबकि विभिन्न बैंकों ने 438 लाभुकों के बीच 84 करोड़ 5 लाख के ऋण एवं परिसंपत्ति का वितरण किया। 17 करोड़ 46 लाख के 11 योजनाओं का आनलाइन उदघाटन और 16 करोड़ 2 लाख की लागत से 5 योजनाओं का शिलान्यास मुख्यमंत्री रघुवर दास ने किया। चुल्हापानी स्वागत द्वार और 20 करोड़ की योजनाओं का उद्घटान और शिलान्यास किया। स्कूलों में स्मार्ट क्लास की शुरुआत की।
जल्द ही विश्व पटल पर आएगा दामोदर का उद्गम स्थल: सुदर्शन
केंद्रीय राज्यमंत्री सह सांसद सुदर्शन भगत ने कहा कि पवित्र दामोदर नदी का उद्गम स्थल जल्द ही विश्व पटल पर आएगा। पूरी नदी प्रदूषण मुक्त होगी। हमारी नदियों-पहाड़ों और प्राकृतिक स्थलों को देवतुल्य माना जाता है। पूजा होती है। दामोदर के साथ साथ क्षेत्र की कोयल- शंख नदी को भी सेहतमंद रखा जाय। इनका भी बड़ा आर्थिक-सांस्कृतिक महत्व है। सलगी पंचायत को पूर्ण विकसित पंचायत बनाएं। कंक्रीट और लोहे के जंगल न बनें। इको टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। क्षेत्र के प्राकृतिक स्वरूप से कोई छेड़छाड़ न हो। सड़क किनारे कई जगहों पर सुरेश सिंह को विशेष रूप से याद किया। श्रद्धांजलि दी। दामोदर बचाओ अभियान में काफी सहयोग किया।
भगवान विष्णु का यह नाम है दामोदर : सरयू राय
सूबे मंत्री सरयू राय ने कहा कि 2006 से दामोदर महोत्सव का आयोजन करते आ रहे हैं। इस साल 30 जगहों पर कार्यक्रम हो रहे हैं। 2006 के लोक सभा चुनाव के दौरान दामोदर तट की कई जगहों को देखा। दुनिया मे सबसे प्रदूषित नदी में गिनी जाती थी। तभी मन में आया और दामोदर के उदगम की खोज की गई। खोज करने वाले काफी मुश्किल के बाद लौटे। तब से गंगा दशहरा के दिन अभियान की शुरुआत की। कोलकाता तक गए। इसमें डॉल्फिन और जियोलॉजी के विशेषज्ञ भी थे। तभी पता चला कि दामोदर जीवित हो सकती है। मगर कदम कदम पर इसे प्रदूषित करने वाले मौजूद थी। चुल्हापानी में ग्रामीणों ने कहा कि पुलिस रहेगी तो नहीं जाएंगे। पुलिस के लौटते ही हजार से अधिक ग्रामीण साथ जमा हो गए। कई किताबों में लिखा है कि पलामू से दामोदर नदी निकलती है। आज पूरी दुनिया जान रही है कि चुल्हापानी में पाकर के पेड़ के नीचे से जो धारा निकलती है, वही दामोदर है। हजार लाख साल पहले हमारे पूवर्जों ने इसका नाम देवनद रखा। भगवान विष्णु का यह नाम है। जो सामाजिक संस्कृतिक चेतना जागृत करना ही मकसद है। पहले पवित्र और शुद्ध जल हुआ करता था। शरीर के कई विकार दूर होते थे। आम आदमी का इस अभियान से जुड़ें तब सफलता मिलेगी। इस बार पहली बार इसके शुद्ध पानी मे छठ किया। सभी कोल वाशरियों को नदी को गन्दा करने से रोका। 90 फीसदी जगहों पर गंदगी फैलानी बन्द कर दी है। सिर्फ बोकारो में हो रहा है। यहां भी स्टील कम्पनी ने इस वर्ष यह काम करने का भरोसा दिया है। जब हम चौदहवाँ दामोदर उत्सव मनाएंगे, तबतक दामोदर स्वच्छ हो जाएगा। सीएम सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाकर कालोनियों की गंदगी दामोदर में जाने से रोकें। नदी का अतिक्रमण न होने दें। उद्योग न लगने दें। तट पर पेड़ लगाएं। धनबाद में आइएसएम के वैज्ञानिकों के साथ बैठक की। इनके साथ सर्वेक्षण कर व्यापक स्तर पर काम करेंगे। प्रदूषण दूर करने के लिए जो कानून है, उनका पालन सब करें तो नदियाँ निर्मल हो जाएंगी।
रिपोर्ट : कयूम खान, लोहरदगा




